Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड दो दिन में 6% फिसला, अचानक बड़ी गिरावट की क्या है वजह?

Crude Oil Price: 26 अगस्त को ब्रेंट क्रूड का भाव 87 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी गिरकर 81 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। यह भारत के लिए अच्छी खबर है, जो अपनी जरूरत का 85 फीसदी ऑयल इंपोर्ट करता है

अपडेटेड Aug 26, 2026 पर 4:17 PM
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हालिया नरमी के बाद भी क्रूड ऑयल की कीमत इस साल 40 फीसदी ऊपर हैं।

Crude Oil Price: क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट आई। 26 अगस्त को ब्रेंट क्रूड का भाव 87 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी गिरकर 81 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। यह भारत के लिए अच्छी खबर है, जो अपनी जरूरत का 85 फीसदी ऑयल इंपोर्ट करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में उछाल से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान और ओमान के बीच बातचीत

क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट की वजह ईरान और ओमान में चल रही बातचीत है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते समुद्री जहाजों की आवाजाही शुरू करने के लिए दोनों देश एक अंतरिम समझौते के लिए बातचीत के अंतिम दौर में हैं। ओमान न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी के बीच एक 'अस्थायी ज्वाइंट मेरीटाइम कॉरिडोर' बनाने की पहल पर व्यापक बातचीत हुई है।


ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थायी कॉरिडोर बनाएंगे

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से समुद्री जहाजों की आवाजाही के लिए एक स्थायी कॉरिडोर बनाने, इसके गवर्नेंस, इंफॉर्मेशन शेयरिंग के लिए फ्रेमवर्क बनाने और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए बातचीत जारी रखेंगे। इससे आगे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते समुद्री जहाजों की सामान्य आवाजाही के लिए रास्ता खुलेगा।

पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भी किया ईरान का एक दिन का दौरा

इस बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने हाल में ईरान का एक दिन का दौरा पूरा किया है। ईरानी मीडिया ने खबर दी है कि इस दौरे नतीजे काफी अहम रहे हैं। अमेरिका-ईरान के बीच 28 फरवरी को लड़ाई शुरू हुई थी। कई महीने तक लड़ाई जारी रहने के बाद जून में दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी। इसमें पाकिस्तान की बड़ी भूमिका थी। लेकिन, अगस्त में युद्धविराम की अवधि खत्म हो गई।

इस साल क्रूड ऑयल की कीमत 40 फीसदी ज्यादा 

हालिया नरमी के बाद भी क्रूड ऑयल की कीमत इस साल 40 फीसदी ऊपर हैं। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव है। इसका असर गल्फ देशों से क्रूड ऑयल की सप्लाई पर पड़ा है। सप्लाई घटने से क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है। उधर, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। इसका मकसद ईरान पर दबाव बढ़ाना है।

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30 से 60 दिन के अंदर स्थायी कॉरिडोर बनाएंगे ईरान और ओमान

तासनिम न्यूज एजेंसी ने ईरान के उप-विदेश मंत्री के हवाले से बताया है कि ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही के लिए 30 से 60 दिन के अंदर स्थायी रूट बनाने के लिए बातचीत जारी रखेंगे। अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद एक समय क्रूड ऑयल का भाव 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। बाद में यह नीचे आया। जून में दोनों देशों के बीच युद्धविराम होने पर भाव 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चला गया था।

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