US-Iran Peace Deal: कच्चा तेल 5% फिसला, मार्च के बाद के सबसे निचले स्तर पर

US-Iran Peace Deal: ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि 60 दिनों के सीजफायर के दौरान एक ज्यादा व्यापक समझौते पर बातचीत की जाएगी। कहा जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच सुलह कराने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है

अपडेटेड Jun 15, 2026 पर 9:55 AM
डील शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में साइन होगी।

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें मार्च के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गईं। इसकी वजह है अमेरिका और ईरान के बीच डील फाइनल होना। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि दोनों देश युद्ध खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से आवाजाही फिर से शुरू करने के लिए एक शुरुआती समझौते पर पहुंच गए हैं।

इस ऐलान के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत 4.2 डॉलर या लगभग 5% गिरावट के साथ 83.07 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। वहीं U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 4.7 डॉलर या 5.6% गिरकर 80.12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। शुक्रवार को दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में 3% से ज्यादा की गिरावट आई थी।

रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि 60 दिनों के सीजफायर (युद्धविराम) के दौरान एक ज्यादा व्यापक समझौते पर बातचीत की जाएगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि डील शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में साइन होगी। कहा जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच सुलह कराने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।


ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी भी होगी खत्म

ट्रंप ने रविवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट टोल-फ्री (बिना शुल्क के) खुला रहेगा और ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिकों द्वारा की गई नाकेबंदी भी खत्म हो जाएगी। रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर समाचार एजेंसी का कहना है कि समझौते के ड्राफ्ट में ईरानी व्यवस्था के तहत 30 दिनों के अंदर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की बात कही गई है।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 से जारी युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट तीन महीने से अधिक समय से लगभग बंद है। इसके चलते दुनिया को लाखों बैरल तेल और गैस की आपूर्ति का नुकसान हुआ है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) आपूर्ति के पांचवें हिस्से के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

भारत का रूस से कच्चे तेल और अन्य ईंधन का आयात मई में बढ़कर रहा 6.7 अरब डॉलर, बना हुआ है दूसरा सबसे बड़ा खरीदार

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।