Crude Oil Price: इस एक फैसले से क्रूड में आई 4% की गिरावट, पहुंचा 1 महीने के निचले स्तर पर, आगे क्या जारी रहेगा दबाव या आएगा उछाल

Crude Oil Price : OPEC+ जून में 4,11,000 बैरल प्रति दिन उत्पादन बढ़ाने वाला है। सऊदी अरब ने कहा है कि उत्पादन सीमा का उल्लंघन करने पर और बढ़ोतरी होगी। साथ ही यह भी कहा कि कम तेल कीमतों को लंबी अवधि तक सहने को तैयार हैं

अपडेटेड May 05, 2025 पर 1:43 PM
Story continues below Advertisement
ओपेक+ की तरफ से उत्पादन बढ़ाने के फैसले के बाद सप्लाई बढ़ने की चिंताओं के कारण तेल की कीमतों में गिरावट आई है।

Crude Oil Price: OPEC+ के जून से उत्पादन बढ़ाने के फैसले से क्रूड में 4 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिल रही है। क्रूड का दाम 1 महीने के निचले स्तरों पर पहुंचा है। ब्रेंट 59 डॉलर के नीचे फिसला है। जबकि WTI का भाव 56 डॉलर के नीचे फिसला है। कच्चा तेल इस साल अब तक करीब 20 परसेंट फिसल चुका है। MCX पर भी कच्चे तेल के दाम 4800 रुपये के नीचे फिसले है।

ओपेक+ की तरफ से उत्पादन बढ़ाने के फैसले के बाद सप्लाई बढ़ने की चिंताओं के कारण तेल की कीमतों में गिरावट आई है। ओपेक और उसके सहयोगियों द्वारा यह फैसला शनिवार को हुई एक बैठक में लिया गया। ऐसे समय में तेल की सप्लाई में बढ़त हुई है जब ट्रेडवार के कारण मांग पर पहले से ही दबाव बना हुआ है। कारोबारी हफ्ते के शुरुआत में ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट 4.6 फीसदी गिरकर 58 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 56 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है।

बता दें कि OPEC+ जून में 4,11,000 बैरल प्रति दिन उत्पादन बढ़ाने वाला है। सऊदी अरब ने कहा है कि उत्पादन सीमा का उल्लंघन करने पर और बढ़ोतरी होगी। साथ ही यह भी कहा कि कम तेल कीमतों को लंबी अवधि तक सहने को तैयार हैं। OPEC+ की 1 जून को होने वाली बैठक में जुलाई के उत्पादन पर फैसला होगा।


ब्रेंट क्रड की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में इसमें 9 फीसदी की गिरावट आई जबकि 1 महीने में दाम 8 फीसदी लुढ़के है। वहीं जनवरी 2025 से अब तक ब्रेंट क्रूड 21 फीसदी लुढ़का है। जकि 1 साल में इसमें 29 फीसदी गिरा है।

ब्रेंट 55 डॉलर और WTI 52 डॉलर तक की गिरावट मुमकिन

MIRAE एसेट शेयरखान, मोहम्मद इमरान का कहना है कि ट्रेड टैरिफ के कारण क्रूड के फंडामेंटल्स कमजोर हुए है। ओपेक प्लस के फैसले से कीमतों में गिरावट आई है। जून में भी OPEC+ क्रूड का उत्पादन बढ़ाएगा। उन्होंने आगे कहा कि बाजार में सप्लाई बढ़ने से कीमतों में गिरावट आई है। चीन का फैक्ट्री इंडेक्स भी गिरा है। क्रूड की 35-40 फीसदी इंडस्ट्रियल मांग होती है।

उन्होंने आगे कहा कि ब्रेंट 55 डॉलर और WTI 52 डॉलर तक गिर सकता है। वहीं एमसीएक्स पर क्रूड 4300 तक गिर सकता है। OPEC+ के सदस्य देश लगातार उत्पादन बढ़ा रहे है। बाजार को चीन-अमेरिका के बीच हालात सुधरने की उम्मीद है। अमेरिका अपना SPR बढ़ने में लगा हुआ है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।