Crude Oil: 3 महीनों की ऊंचाई पर पहुंचा कच्चे तेल का दाम, आगे कितने आएंगे तेजी, जानिए क्या है बाजार जानकार की राय

नरेंद्र तनेजा का कहना है कि बाजार को चीन से मांग बढ़ने की उम्मीद है। जो बाइडेन एनर्जी के क्षेत्र में कई कदम उठा रहे हैं। जो बाइडेन बाल्टिक सागर में और प्रतिबंध लगा सकते है। जो बाइडेन , ट्रंप सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं । राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप सारे फैसले पलट सकते है।

अपडेटेड Jan 03, 2025 पर 2:22 PM
Story continues below Advertisement
कच्चे तेल की तेजी पर नजर डालें तो बाजार को चीन से मांग बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिका में इन्वेंटरी गिरने से भी कच्चे तेल के दाम चढ़े हैं।

Crude Oil:  3 महीनों की ऊंचाई पर कच्चे तेल के दाम पहुंचे है। दरअसल, चीन में मांग बढ़ने की उम्मीद से क्रूड कीमतों में उछाल आया है। ब्रेंट 76 डॉलर के पार निकला है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार 5वें दिन तेजी देखने को मिल रही है। ब्रेंट का भाव 76.55 डॉलर तक पहुंचा है जबकि WTI का भाव 73 डॉलर के पार निकला है। इस बीच MCX पर भी भाव 6290 के पार निकला।

कच्चे तेल की तेजी पर नजर डालें तो बाजार को चीन से मांग बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिका में इन्वेंटरी गिरने से भी कच्चे तेल के दाम चढ़े हैं। बाजार की मिडिल ईस्ट संकट पर नजर है। US फेड के फैसला पर भी बाजार की नजर है। ट्रंप 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।

इधर सोने की चाल पर नजर डालें तो सेफ हेवेन डिमांड बढ़ने से सोना भी चमका है। 2670 डॉलर के साथ 2 हफ्ते की ऊंचाई पर COMEX GOLD का भाव पहुंचा है।


नैचुरल गैस के भाव €50 के पार निकला

अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार नैचुरल गैस के भाव €50 के पार निकला है। रूस ने यूक्रेन के जरिए नैचुरल गैस की सप्लाई रोकी है। ट्रांजिट कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के कारण रूस ने सप्लाई रोकी है। नॉर्वे ने नैचुरल गैस का उत्पादन 9 जनवरी तक रोका। कंप्रेसर में खराबी के कारण नॉर्वे ने उत्पादन रोका है। 2021 के बाद इन्वेंटरी में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

बाजार को चीन से मांग बढ़ने की उम्मीद है

एनर्जी एक्सपर्ट के नरेंद्र तनेजा का कहना है कि बाजार को चीन से मांग बढ़ने की उम्मीद है। जो बाइडेन एनर्जी के क्षेत्र में कई कदम उठा रहे हैं। जो बाइडेन बाल्टिक सागर में और प्रतिबंध लगा सकते है। जो बाइडेन , ट्रंप सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं । राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप सारे फैसले पलट सकते है।उन्होंने आगे कहा कि रूस से सबसे ज्यादा क्रूड भारत इंपोर्ट करता है।

अभी तेल की कीमतों को लेकर चिंता का विषय नहीं है। हालांकि जिस तरह का कंफर्ट बाजार चाहता है उसे थोड़ा आने में समय लगेगा।

नरेंद्र तनेजा का कहना है कि कोई बड़ा जियोपॉलिटिकल टेंशन नहीं होता है तो पहले 5-6 महीने तक क्रूड की कीमतें औसत 70-73 डॉलर प्रति बैरल रहनी चाहिए।

कच्चे तेल में जारी रहेगी तेजी

एमिरेट्स NBD के डायरेक्टर, डॉ. धर्मेश भाटिया ने कहा कि रुपये मे कमजोरी अभी भी नजर आ रही है। अगर कच्चा तेल और सोने की कीमतों में बढ़त देखने को मिलती है, तो रुपये में और भी कमजोरी आ सकती है। चीन का इकोनॉमी को रिवाइवल करने की कोशिश क्रूड के लिए बड़ा ट्रिगर हो सकती है। क्रूड 6000 रुपये के स्तर पर टिका हुआ है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 6600-6700 रुपये के स्तर दिखा सकता है। वहीं अंतराष्ट्रीय बाजार में WTI क्रूड में 77 डॉलर का स्तर दिखा सकता है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।