US-रूस के बीच कूटनीतिक बातचीत के बीच सोने की कीमतें रह सकती हैं नरम, आगे किन फैक्टर्स पर कमोडिटी मार्केट की नजर

शुक्रवार को ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बहुप्रतीक्षित शिखर सम्मेलन में कोई खास सफलता नहीं मिली। लेकिन दोनों नेताओं ने अलास्का में हुई बातचीत को प्रोडक्टिव बताया और मॉस्को में एक और मीटिंग के संकेत दिए। नए आर्थिक प्रतिबंधों की गैरमौजूदगी और कूटनीतिक प्रगति के संकेत, रिस्क सेंटिमेंट को बढ़ा सकते हैं

अपडेटेड Aug 17, 2025 पर 10:50 AM
Story continues below Advertisement
MCX गोल्ड वायदा ने पिछले हफ्ते लगातार 5वें सत्र में गिरावट दर्ज की।

अमेरिका-रूस के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत के बीच सोने की कीमतों में नरमी रह सकती है। ऐसा अनुमान कोटक सिक्योरिटीज में AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला ने जताया है। उनके मुताबिक, अमेरिकी खुदरा महंगाई में मामूली बढ़ोतरी, अपेक्षा से अधिक PPI (Producer Price Index) और जुलाई में खुदरा बिक्री में वृद्धि ने संकेत दिया कि अमेरिकी उपभोक्ता अभी भी लचीला बना हुआ है। इस बीच अगस्त में कंज्यूमर सेंटिमेंट बिगड़ गया क्योंकि लॉन्ग टर्म में महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। ये मिक्स आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी का संकेत देते हैं, जिससे फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की राह जटिल हो गई है।

इससे कॉमेक्स गोल्ड की कीमतें दो हफ्ते के निचले स्तर 3375.50 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गईं। अमेरिकी PPI में 3.3% की वृद्धि हुई, जो फरवरी 2025 के बाद से इसकी सबसे तेज सालाना बढ़ोतरी है। इससे संकेत मिलता है कि खाद्य और सेवा-संबंधी थोक कीमतों में हालिया उछाल आने वाले महीनों में कोर पीसीई महंगाई को बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से गोल्ड बार पर टैरिफ लगाने से इनकार करने के कारण कॉमेक्स गोल्ड में स्पॉट गोल्ड की कीमतों की तुलना में तेज गिरावट देखी गई है।

चैनवाला का कहना है कि डेली चार्ट पर, MCX गोल्ड वायदा ने पिछले हफ्ते लगातार 5वें सत्र में गिरावट दर्ज की। इमीडिएट सपोर्ट 99,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। इस स्तर से लगातार नीचे जाने से कीमत 98600 रुपये तक लुढ़कने की आशंका बढ़ जाएगी। इसके उलट रेजिस्टेंस 1,00,650 रुपये पर देखा जा रहा है, जिसके बाद इसका अगला स्तर 1,01,200 रुपये पर है।


डॉलर, कच्चा तेल और अमेरिकी शेयर बाजार

डॉलर बीते सप्ताह 98 के स्तर से नीचे बंद हुआ। ट्रंप द्वारा आने वाले हफ्तों में सेमीकंडक्टर और स्टील पर टैरिफ लगाने की योजना की घोषणा के बाद शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी दबाव में आ गए। हालांकि तीनों प्रमुख सूचकांकों ने सप्ताह का अंत पॉजिटिव नोट के साथ किया। डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की कीमतें 62 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गईं, जो जून की शुरुआत के बाद से सबसे कम है। आईईए, अमेरिकी ऊर्जा विभाग और ईआईए की मंदी वाली इनवेंट्री रिपोर्ट द्वारा सप्लाई की अधिकता की चिंताओं के कारण ऐसा हुआ।

Sugar Prices: देश में चीनी की सप्लाई अच्छी, क्या फेस्टिवल सीजन में रिटेल भाव में दिखेगी तेजी

सप्ताह के अंत में बेस मेटल्स में नरमी रही क्योंकि सपोर्टिव ट्रेड घटनाक्रमों से आशावाद लंबे समय से चली आ रही मैक्रोइकोनॉमिक चुनौतियों से संतुलित हो गया। तांबे का भाव सबसे ज्यादा रहा, जो मामूली बढ़त के साथ 9,773.50 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ।

आगे के लिए क्या अनुमान

कायनात चैनवाला के मुताबिक, आगे जैक्सन होल संगोष्ठी में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल का भाषण फोकस में रहेगा क्योंकि बाजार किसी भी नीतिगत बदलाव के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की जुलाई की मीटिंग के मिनट्स पर भी नजर रहेगी। आर्थिक गतिविधियों के शुरुआती संकेतों के लिए फ्लैश PMI आंकड़ों और फिली फेड मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स पर भी नजर रखी जाएगी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।