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Silver Gold Price Today : कच्चे तेल में आई तेजी ने सोने-चांदी पर बनाया दबाव, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का कहना है कि आज के सेशन में सोने के लिए 4,440 और 4,400 डॉलर पर सपोर्ट है,जबकि 4,500 और 4,555 डॉलर प्रति औंस पर रेजिस्टेंस है। वहीं चांदी के लिए 65 डॉलर और 63.60 डॉलर पर सपोर्ट है,जबकि 67 डॉलर और 68.80 डॉलर प्रति औंस पर रेजिस्टेंस है

Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Aug 18, 2026 पर 10:47 AM
Silver Gold Price Today : कच्चे तेल में आई तेजी ने सोने-चांदी पर बनाया दबाव, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई
Gold Rate Today : कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं Prithvi Finmart के मनोज कुमार जैन। इनको आज गोल्ड मिनी और सिल्वर मिनी में कमाई के मौके दिख रहे हैं

Silver Gold Price Today : मंगलवार,18 अगस्त के कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच प्रॉफिट-बुकिंग प्रेशियस मेटल्स में मुनाफावसूली दिख रही है। इससे US फेडरल रिजर्व और दुनिया भर के दूसरे केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका पैदा हो गई है। सुबह 10.15 बजे के आसपास गोल्ड का अक्टूबर वायदा 786 रुपए यानी 0.51 फीसदी की कमजोरी के साथ 155,139 रुपए पर नजर आ रहा था। वहीं, चांदी का सितंबर वायदा 2,451 रुपए यानी 1.05 फीसदी की गिरावट के साथ 235,540 रुपए पर कारोबार कर रहा था।

US-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल में उबाल

US-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल में उबाल आ गया है और यह 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। उधर बॉन्ड यील्ड फिर से 4.7% के पार चला गया है। 24 घंटे में डॉलर इंडेक्स 0.20% गिरकर 99.58 पर आ गया है। US-ईरान युद्ध के ताजा हालात पर नजर डालें तो डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ MoU खत्म हो गई है। इसे आगे बढ़ाने में कोई दिलचस्पी नहीं। नेवल ब्लॉकेड से अब भी ईरान पर दबाव बना सकते हैं। तेहरान ने बातचीत से इनकार ही किया है। इनकार के बाद भी बैकचैनल बातचीत जारी है। ईरान मुश्किल में है। लेकिन मजबूती दिखा रहा है। ईरान के लिए ट्रंप का संदेश है कि सफेद झंडा लहराओ। ट्रंप ने आगे कहा कि ओमान ने रास्ता रोका तो उस पर भी हमला करेंगे।

उधर रॉयटर्स पर एक ईरानी अधिकारी का बड़ा बयान आया है। उसने कहा है कि ईरान अपनी नीति में बदलाव कर सकता है। रक्षात्मक से आक्रामक रणनीति अपनाएंगे। मध्यस्थों के भरोसे स्थायी शांति संभव नहीं है। अमेरिका के लिए MoU का पालन जरूरी। इसके लिए US को कुछ हफ्तों का वक्त दिया जा सकता है। मध्यस्थों के जरिए समयसीमा की जानकारी देंगे। हालात नहीं बदले तो स्ट्रेट में तनाव बढ़ेगा। ईरानी सेना हमेशा जवाबी कदम के लिए तैयार है।

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