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Silver Gold Price Today : MCX पर गोल्ड में तेजी, सिल्वर पर दबाव, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : 10.45 बजे के आसपास एमसीएक्स पर सोने का अक्टूबर वायदा 1,016 रुपए यानी 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ 163,430 रुपए के आसपास ट्रेड कर रहा था। वहीं, चांदी का सितंबर वायदा 516 रुपए यानी 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 246,200 रुपए पर दिख रहा था

Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Aug 24, 2026 पर 11:30 AM
Silver Gold Price Today : MCX पर गोल्ड में तेजी, सिल्वर पर दबाव, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई
Gold Rate Today : कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं कुंवरजी ग्रुप के रवि दियोरा। इनको आज एल्यूमीनियम और गोल्ड में कमाई के मौके दिख रहे हैं

Silver Gold Price Today : सोमवार को MCX पर सोने की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। लेकिन चांदी पर दबाव देखने को मिल रहा है। गोल्ड को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर में स्थिरता से सहारा मिल रहा। वहीं,प्रॉफिट बुकिंग के कारण चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। इस बीच ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा से पहले निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने के कारण ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% गिरकर 93 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है। अब बाजार की नजरें इस हफ्ते आने वाले US महंगाई के आंकड़ों और US फ़ेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के भाषण पर टिकी हुई हैं।

10.45 बजे के आसपास एमसीएक्स पर सोने का अक्टूबर वायदा 1,016 रुपए यानी 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ 163,430 रुपए के आसपास ट्रेड कर रहा था। वहीं, चांदी का सितंबर वायदा 516 रुपए यानी 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 246,200 रुपए पर दिख रहा था।

US-ईरान बातचीत में गतिरोध सोने की कीमतों पर असर डालने वाला एक अहम कारण बना हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने CNBC को बताया कि वह सोमवार को ईरान पर US के नए प्रतिबंधों के बारे में जानकारी देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।ये प्रतिबंध इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध होंगे। उधर US में सेल-ऑफ की बड़ी वजह बढ़ती ट्रेजरी यील्ड रही है। ट्रेजरी मार्केट की बिकवाली रोकने की कोशिश बेअसर रही है। अमेरिकी सरकार के कदमों का खास असर नहीं हुआ है।

इस बीच ईरान की तरफ से मोहसिन रेजाई ने कहा है कि ओमान के साथ हॉर्मुज समझौता कागज पर तैयार है। US की प्रतिबद्धताएं पूरी होने पर स्ट्रेट खुलेगा। हॉर्मुज खुलने पर ईरान ही उसे मैनेज करेगा। मैनेज करने की एवज में ईरान फीस भी वसूलेगा। ट्रंप की कार्रवाई से परमाणु हथियार की चाह बढ़ी है। क्षेत्रीय देश US इकोनॉमिक वॉर से दूर रहें। US का साथ देने पर उनका ही नुकसान होगा। अब तक सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इकोनॉमिक वॉर बढ़ा तो जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। क्षेत्र की सभी अमेरिकी तेल कंपनियां निशाने पर हैं। सभी अमेरिकी इकोनॉमिक कंपनियां भी निशाने पर हैं। ईरान के सुरक्षा प्रमुख है।

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