Gold-Silver Price: ग्लोबल आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच शनिवार, 10 जनवरी को सोने की कीमतों में तेज़ी आई। मुंबई में, 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,39,320 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि 22k सोना 1,27,710 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा था। इन रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। स्पॉट मार्केट में चांदी लगभग 2,48,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर मिल रही थी।
इस हफ़्ते भारतीय डीलरों ने ऑफिशियल घरेलू कीमतों पर $6 प्रति औंस तक का प्रीमियम लिया, जिसमें 6% इंपोर्ट और 3% सेल्स लेवी शामिल हैं, जो पिछले हफ़्ते के $15 तक के प्रीमियम से कम है।
बता दें कि 2025 में सोने के दाम 75% चढ़े है जबकि 2025 में चांदी के दाम 163% चढ़े । 1979 के बाद आई सबसे ज्यादा तेजी आई।
ऐसे में सोने-चांदी की मांग 2026 में कैसी रह सकती है जानतें है क्या है एक्सपर्ट्स की राय।
दाम बढ़ने के साथ मांग भी बढ़ी
सिल्वर एम्पोरियम के एमडी राहुल मेहता ने कहा कि चांदी के दाम बढ़ने के साथ साथ मांग भी बढ़ी है। लोग चांदी को निवेश के विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। चांदी के अलग-अलग आर्टिकल्स की मांग आ रही है। चांदी के दाम बढ़ने का असर आर्टिकल्स में दिखा। दाम बढ़ने से लोगों का चांदी में निवेश बढ़ा है। सिल्वर ETF में भी लोगों का निवेश बढ़ा। चांदी के गहनों की मांग में काफी तेजी है। चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव रहेगा। आगे चांदी की कीमतों में गिरावट आ सकती है। चांदी 1.70-1.90/किलो तक चांदी गिर सकती है। चांदी में SIP के जरिए निवेश करने की सलाह है। 20-25% रिटर्न मिले तो मुनाफावसूली भी जरूरी है। 2025 के रिटर्न 2026 में भी मिलने की उम्मीद न करें। दाम बढ़ने के बाद भी चांदी का रुझान बढ़ा है।
बजट में भी सरकार से राहत मिलने की उम्मीद
GJEPC के चेयरमैन किरीट भंसाली ने कहा कि लोगों का सोने- चांदी के प्रति रुझान बढ़ा है। जेम एंड ज्वेलरी सेक्टर के लिए दोनों बहुत बड़ा बाजार है। जेम एंड ज्वेलरी सेक्टर में अमेरिका का 35% हिस्सा है। अमेरिका, चीन में जेम एंड ज्वेलरी की मांग गिरी। मांग गिरने से इंडस्ट्री परेशानी के दौर से गुजर रही है। हम सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू हुई। बजट में भी सरकार से राहत मिलने की उम्मीद है।
पशुपति ज्वैलर्स के मनसुख कोठारी का कहना है कि सोने में रिकॉर्ड तेजी के बाद भी शादियों के मद्देनजर अच्छी खरीदारी है। भारत में 22 कैरेट के सोने की मांग ज्यादा है और मॉडर्न डिजाइन वाले गहनों की मांग बढ़ी है। धीरे धीरे 18 कैरेट को भी लोग अपनाने लगेंगे। जड़ाऊ में 14 कैरेट की मांग ज्यादा है। 9 कैरेट के गहनों की भी मांग देखने को मिल रही है।
सोने के दाम चढ़ने से हल्के गहनों की मांग बढ़ी है। कम कैरेट वाले गहनों की भी मांग बढ़ेगी। हल्के गहनों को लोग हमेशा अपनाते रहेंगे।
टियर 2-3 शहरों में खरीदारी का ट्रेंड बदला
वैलेंटाइन जड़ाऊ के मुकेश रेला ने कहा कि 2025 इंडस्ट्री के लिए बहुत अच्छा था और 2026 भी इंडस्ट्री के लिए अच्छा रहने वाला है।सोने में तेजी का असर मांग पर देखने को मिला। हल्के गहनों की मांग में उछाल आया है। टियर 2-3 शहरों में खरीदारी का ट्रेंड बदला है। टियर 2-3 शहरों में लोग बड़े गहने पसंद कर रहे हैं। लोगों को डिजाइनर गहने ज्यादा पसंद आ रहे हैं। इंडस्ट्री का फोकस टियर 2-3 शहरों में ज्यादा है।
भारत में मांग पूरी तरह से बढ़ना अभी बाकी
ऑगमोंट के आरव बाफना के मुताबिक भारत में मांग पूरी तरह से बढ़ना अभी बाकी है। लोग लैब ग्रोन डायमंड के प्रति जागरुक हो रहे हैं। साउथ में लैब ग्रोन डायमंड के प्रति जागरुकता कम है। नॉर्थ में लैब ग्रोन डायमंड की मांग ज्यादा है। लैब ग्रोन डायमंड इंडस्ट्री का भविष्य काफी अच्छा है। 5-10 सालों में मांग और बढ़ने वाली है। लैब ग्रोन डायमंड में बड़े-बड़े प्लेयर्स भी आ रहे हैं। इससे लोगों में लैब ग्रोन डायमंड के प्रति जागरुकता बढ़ेगी। बड़े प्लेयर के आने से इंड्स्ट्री को ही फायदा मिलता है। ज्यादा प्रतिस्पर्धा होना बाजार, ग्राहकों दोनों के लिए अच्छा है। दीवाली के पहले ही डायमंड में बॉटम बन गया था। दीवाली से पहले लैब ग्रोन डायमंड का भाव `6000-7000/कैरेट था। मजबूत मांग, कम सप्लाई से दाम 20% बढ़ चुके हैं। दाम गिरे तो 10% से ज्यादा की गिरावट नहीं आएगी। लैब ग्रोन डायमंड में कंपनी लाइफ टाइम बायबैक दे रही है।
सोने के दाम चढ़ने से डायमंड की मांग बढ़ी
आनंद ज्वैलर्स के अंकिता कोठारी ने कहा कि 2025 इडंस्ट्री के लिए काफी अच्छा रहा। डायमंड इंडस्ट्री का फ्यूचर अच्छा दिख रहा है। सोने के दाम चढ़ने से डायमंड की मांग बढ़ी। जड़ाऊ गहनों की भी मांग काफी अच्छी है। लोगों का जड़ाऊ गहनों के प्रति रुझान बढ़ा। देश में लोगों की खरीदारी का तरीका बदला है। हर शहर में कलर डायमंड की मांग बढ़ी है।
सोने के दाम चढ़ने से हल्के गहनों की मांग बढ़ी। रोजाना पहनने वाले गहनों की मांग बढ़ी है । लोग अब घरों में गहने सिर्फ रखना नहीं चाहते। बड़े आकार के डायमंड की मांग बढ़ रही है। नए-नए डिजाइन के गहनों की मांग बढ़ रही है। लोग बड़े डायमंड भी पहनना चाहते हैं। भारत अभी कलर डायमंड को समझ रहा है। 3-10 लाख की रेंज में डायमंड की मांग ज्यादा है।
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