Gold-Silver Price: सोने और चांदी के भाव ने एक बार फिर नया नया इतिहास रच दिया है। सोमवार 12 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड का भाव 1% से ज्यादा चढ़कर 4,563.61 डॉलर प्रति औंस के अपने नए ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया। वहीं चांदी भी तेज उछाल के साथ 83.50 डॉलर प्रति औंस के अपने नए शिखर पर पहुंच गई। सोने और चांदी का 2026 में बनाया यह पहला रिकॉर्ड हाई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीदों ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा है। इसी वजह से सोने-चांदी में मजबूत खरीद देखने को मिली।
एनालिस्ट्स का कहना है कि निवेशकों की नजरें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ट्रंप टैरिफ को लेकर आने वाले फैसले पर भी टिकी हैं। इसके अलावा दुनिया के कई हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव भी बाजार की अनिश्चितता बढ़ा रहे हैं।
इस हफ्ते ग्लोबल स्तर पर कई अहम आर्थिक आंकड़े भी आने वाले हैं। भारत, अमेरिका और जर्मनी की सरकारें अपनी महंगाई दर के आंकड़े जारी होंगे। वहीं चीन से व्यापार और निवेश से जुड़े डेटा सामने आएंगे। इसके साथ ही यूएस फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
JM फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर ने कहा कि बुलियन मार्केट में तेजी का रुख बना रह सकता है और किसी भी तरह की हल्की गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित निवेश की मांग और मिलेजुले आर्थिक आंकड़े कीमतों को सहारा दे रहे हैं। हालांकि कभी-कभार डॉलर की मजबूती तेजी को सीमित कर सकती है।
वहीं एंजल वन (Angel One) के डीवीपी (रिसर्च) प्रतमेश मल्ल्या ने कहा कि उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने-चांदी का लॉन्ग-टर्म ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है। उनके मुताबिक, आने वाले दिनों में अमेरिकी डॉलर की चाल, फेड की नीति और महंगाई और रोजगार से जुड़े आंकड़े कीमतों की दिशा तय करेंगे। तकनीकी स्तर पर उन्होंने भारत में सोने के दाम ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना जताई।
मेर ने यह भी बताया कि गोल्ड और सिल्वर ETF में लगातार मजबूत निवेश आ रहा है, जो यह दिखाता है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो को जोखिम से बचाने के लिए इन धातुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। चांदी के मजबूत स्ट्रक्चर को देखते हुए उन्होंने लॉन्ग-टर्म में इसके ₹2.80 लाख से ₹3 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंचने की संभावना भी जताई।
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