अमेरिका में महंगाई दर पिछले 4 दशकों के शीर्ष पर पहुंचने के बाद पूरी दुनिया में सोने के भाव में जोरदार तेजी देखने को मिली है। सोने के हाजिर भाव में अतंराष्ट्रीय बाजार में 1855 डॉलर प्रति औंस के लेवल को तोड़ दिया है। वहीं एमसीएक्स पर सोने का भाव 49000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर चला गया है। कमोडिटी मार्केट के एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाजार यूएस फेड की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की खबर को पहले ही पचा चुका है और अब सोने की कीमतें ग्लोबल महंगाई के बढ़ने से जुड़ी चिंताओं के कारण बढ़ते नजर आ रहे है।
जानकारों का यह भी कहना है कि अभी भी कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। इससे स्थितियां और खराब हो सकती है। कमोडिटी मार्केट के जानकारों के मुताबिक दुनियाभर में बढ़ती महंगाई सोने की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह है। उनका कहना है कि सोने की कीमतों में सालाना आधार पर पिछले 40 सालों की सबसे ज्यादा बढ़त देखने को मिली है। इसके चलते दुनिया भर के इक्विटी बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है जिससे सोना नियरटर्म में निवेशकों का सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प बनकर उभरा है।
जानकारों का यह भी कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच का संकट बढ़ा तो नहीं है लेकिन इसमें कोई कमी भी नहीं आई है। अगर रूस और यूक्रेन के बीच कोई भी निगेटिव खबर आती है तो कच्चे तेल की कीमतों में एक भारी उछाल देखने को मिल सकता है जिससे महंगाई और बढ़ेगी।
जानकारों का कहना है कि अंतराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमते कल के कारोबार में 1865 डॉलर तक पहुंच गई और सोमवार को या अगले वीक इसमें और तेजी आ सकती है जिसके चलते सोने के भाव शॉर्ट टर्म 1890-1920 डॉलर प्रति औंस का लेवल छुते नजर आ सकते है। जानकारों का यह भी कहना है कि घरेलू बाजार में एमसीएक्स पर सोना नियर टर्म में 50000 का लेवल छु सकता है।
घरेलू बाजार में सोने के आउटलुक पर बात करते हुए IIFL Securities के अनुज गुप्ता का कहना है कि एमसीएक्स गोल्ड प्राइस ने 49000 का स्तर एक बार फिर हासिल कर लिया है। वर्तमान में इसके लिए 48500 पर सपोर्ट है। करेंट लेवल पर इसमें momentum buy किया जा सकता है जिसके लिए 49700 का लक्ष्य होगा और स्टॉपलॉस 48350 रुपये रखें और जो लोग लंबे नजरिए से सोने में निवेश किए हुए है वो 50,000 रुपये के शॉर्ट टर्म लक्ष्य के लिए बने रहें।