गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF)पिछले 2 साल में काफी लोकप्रिय हुए हैं। निवेशक अब इक्विटी और डेट के आलावा दूसरे निवेश विकल्पों में डाइवर्सिफाई करने के महत्व को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ रहे हैं। इसका फायदा गोल्ड को मिल रहा है। निवेशकों में दूसरे निवेश विकल्पों को लेकर बढ़ी जागरूकता का फायदा विदेशी इक्विटीज के अलावा गोल्ड को भी मिला है।
जानकारों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के आउटब्रेक के बाद बाजार में आए भारी उतार-चढ़ाव के चलते गोल्ड की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके चलते ज्यादा से ज्यादा निवेशक गोल्ड ETF की तरफ रूख करते नजर आए हैं। इसके अलावा कोविड महामारी और रूस यूक्रेन युद्ध जैसे संकटों ने इक्विटी में मार्केट में भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है जिसकी वजह से सोने की सुरक्षित निवेश विकल्प अपील में इजाफा हुआ है।
आइये अक्षय तृतीया 2022 के मौके पर हम यह देखते हैं कि कैसे गोल्ड ETFने हमारी निवेश की वैल्यू को हाल के सालों में बढ़ाई है और कैसे लोकप्रियता के नए शिखर छुए हैं। बता दें कि गोल्ड ETF गोल्ड के घरेलू प्राइस को ट्रैक करते हैं। इक्विटी मार्केट के शेयरों की तरह ही BSE और NSE पर इनकी ट्रेडिंग होती है। निवेशक किसी भी कारोबारी दिन, किसी भी समय इनको मार्केट ऑवर में अपने डीमैट अकाउंट के जरिए खरीद बेच सकते हैं।
हाल के वर्षों में गोल्ड ETF रिटेल निवेशकों के बीच में काफी तेजी से लोकप्रिय हुआ। पिछले 2 साल के दौरान 35 लाख से ज्यादा निवेशकों ने गोल्ड ETF को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ा है। गौरतलब है कि सामान्य तौर पर सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड को गोल्ड में निवेश करने का सबसे बेहतर निवेश विकल्प समझा जाता है। लेकिन यह काफी इल्लिक्विड (अतरल) होते हैं। यही वो वजह है कि जिसके चलते सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड पर ETF को बढ़त मिलती नजर आई है। गोल्ड ETF प्रमुखता से निवेश करने वाले गोल्ड फंड ऑफ फंड सामान्य म्यूचुअल फडों की तरह की लिक्विडिटी प्रदान करते हैं।
इसके अलावा गोल्ड FOFआपको SIP के जरिए भी गोल्ड ETF में निवेश की सुविधा देते हैं। जिसकी वजह से हाल के दिनों में गोल्ड ETF की लोकप्रियता में इजाफा हुआ है। पिछले 3 साल में गोल्ड ने जोरदार रिटर्न दिया है। गिरते ब्याज दरों और इक्विटी मार्केट से भारी उतार-चढ़ाव के दौर में सोना निवेशकों के लिए एक सुरक्षित निवेश विकल्प बनकर उभरा है। हो सकता है कि गोल्ड एक ऑल टाइम आउट परफॉर्मर असेट न रहो, लेकिन इसने बाजार के अनिश्चतताओं से भरे दौर में निवेशकों को मुनाफे के साथ सुरक्षा प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई है। इसी वजह से 2-3 साल के दौरान गोल्ड ETF में जोरदार निवेश आता दिखा है।