रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध विराम होने की संभावनाएं बढ़ने से क्रूड के भाव 100 डॉलर के नीचे फिसल गए हैं। वहीं अमेरिका में ब्याजा दरें बढ़ने से सोने चांदी समेत बेस मेटल्स की रौनक भी लौट आई है और देश में गेहूं के बाद मक्के का भी एक्सपोर्ट 6 फीसदी बढ़ गया है। आइए सबसे पहले डालते हैं क्रूड पर एक नजर।
100 डॉलर के नीचे आया क्रूड
क्रूड 100 डॉलर के नीचे आ गया है। ब्रेंट 7 मार्च से लगातार गिर रहा है। ब्रेंट 6 सेशन में 24 फीसदी से ज्यादा गिरा है। रूस-यूक्रेन के बीच बातचीत जारी है। इस हफ्ते ब्रेंट अब तक 11 फीसदी से ज्यादा गिरा है। WTI का भाव भी 97 डॉलर के नीचे आया है। WTI इस हफ्ते में अब तक 11.5 फीसदी से ज्यादा गिरा है। MCX पर क्रूड इस हफ्ते में अब तक 12 फीसदी से ज्यादा गिरा है।
रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध विराम की उम्मीद बढ़ी है। रूस-यूक्रेन के बीच लगातार बातचीत जारी है। उधर US में कच्चे तेल की इन्वेंटरी बढ़ी है। कोरोना के कारण चीन के कई शहरों में लॉकडाउन लग गया है। जिसके चलते निवेशकों को चीन से मांग घटने की आशंका है।
US में बढ़ी दरें, निखरा सोना
अमेरिका में दरें बढ़ने के बाद सोना चढ़ा है। 4 दिन की गिरावट के बाद सोना $1935 के ऊपर चला गया है। यूएस फेड ने कहा है कि ब्याज दरें 2022 में 6 बार बढ़ सकती हैं। MCX पर भी सोना 51500 रुपए के ऊपर निकल गया है। COMEX पर चांदी का भाव भी $25.50 के करीब है। MCX पर चांदी का भाव भी 68300 रुपए के पार दिख रहा है।
अमेरिका में ब्याज दरें 0.25 फीसदी बढ़ीं हैं। दिसंबर 2018 के बाद पहली बार दरें बढ़ाईं गई हैं। FED ने इस साल का ग्रोथ अनुमान घटाया है। US FED ने कहा है कि ब्याज दरें 2022 में 6 बार बढ़ सकती हैं। 2022 में दरें 150 bps तक और बढ़ सकती हैं। 2023 में भी 3 बार दरें बढ़ सकती हैं। इस साल इकोनॉमिक ग्रोथ घटने का अनुमान है। इस साल महंगाई बढ़ने का भी अनुमान है। FED ने ये भी कहा है कि रूस-यूक्रेन अनिश्चितता से आउटलुक पर असर पड़ा है। इस साल महंगाई दर 4.3 फीसदी तक बढ़ सकती है।
US में दरें बढ़ीं, बढ़ी बेस मेटेल्स की चमक
अमेरिका में ब्याज दरें 0.25 फीसदी बढ़ने के खबर के साथ ही 2 दिन में कॉपर 4 फीसदी चढ़ा है। लगातार दूसरे दिन LME पर कॉपर चढ़ा है। LME पर एल्युमीनियम में फिर तेजी देखने को मिल रही है। एल्युमीनियम का भाव $3350 के पार निकल गया है। LME पर जिंक का भाव $3830 के ऊपर चला गया है। मांग के मुताबिक सप्लाई न होने भी कीमतों को सपोर्ट मिला है।
एग्री कमोडिटी: मक्के के एक्सपोर्ट में आई तेजी
मक्के के एक्सपोर्ट में तेजी आई है। मक्के का एक्सपोर्ट 6 गुना बढ़ा है। मक्के का उत्पादन और बढ़ा एक्सपोर्ट दोनों बढ़ा है। 31 मार्च तक 36 लाख टन एक्सपोर्ट संभव है। कर्नाटक में मक्के के दाम 44 फीसदी बढ़े हैं। 2016 से 21 के बीच एक्सपोर्ट 6 गुना बढ़ा है। 2020-21 में 4676 करोड़ का एक्सपोर्ट हुआ था। अप्रैल 21 से जनवरी 22 तक 30 लाख टन से अधिक एक्सपोर्ट हुआ है। मार्च 22 तक एक्सपोर्ट 36 लाख टन पहुंचने की उम्मीद है। बांग्लादेश, वियतनाम, नेपाल को ज्यादा एक्सपोर्ट हुआ है। कर्नाटक में मक्के के औसत दाम 44 फीसदी बढ़कर 2130 रुपए प्रति क्विंटल हो गए हैं।