Commodity Market: सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी, जानिए क्रूड में दबाव की क्या है वजह

सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। COMEX पर सोने का भाव 1800 डॉलर के ऊपर निकला है.

अपडेटेड Dec 27, 2021 पर 1:11 PM
त्योहारी मांग बढ़ने से सोना दायरे में कारोबार कर रहा है। यूएस ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से सोने में सपोर्ट बना हुआ है।

2021 में कोरोना और दूसरे कई कारणों से कई एग्री कमोडिटी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। ऐसे में 2022 का आउटलुक क्या कहता है? आइए डालते है एक नजर और साथ साथ ही ओमिक्रॉन के बढ़ने मामलों का असर क्रूड की कीमतों पर दिखने लगा है। 4 जनवरी को OPEC+ देश क्या फैसला ले सकते हैं और आपको क्या स्ट्रैटेजी अपनानी चाहिए। वही दूसरी औऱ सोने-चांदी की चाल कैसी है इसपर भी डालेंगे एक नजर।

सोना ऊपर, चांदी पर दबाव

सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। COMEX पर सोने का भाव 1800 डॉलर के ऊपर निकला है। पिछले 9 दिनों से COMEX पर सोना 1800 डॉलर के ऊपर बना हुआ है जबकि इसने COMEX पर 1,812.95 डॉलर का हाई लगाया है। वहीं MCX पर 6 हफ्ते से सोना 48000 के ऊपर कारोबार कर रहा है। इस बीच COMEX पर चांदी की कीमतों में हल्का दबाव बना हुआ है। MCX पर चांदी 62,400 के नीचे आई है।

उतार-चढ़ाव के कारण


त्योहारी मांग बढ़ने से सोना दायरे में कारोबार कर रहा है। यूएस ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से सोने में सपोर्ट बना हुआ है। इस बीच शादियों में सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है। वहीं इंडस्ट्रियल मांग गिरने से चांदी पर दबाव बना हुआ है। बता दें कि चीन के जियान में कोरोना संक्रमण बढ़ा है। जियान में कोरोना के मामले 21 महीने में सबसे ज्यादा है।

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ओमिक्रॉन ने बनाया क्रूड पर दबाव

ब्रेंट का भाव 76 के नीचे लुढ़का है। ब्रेंट ने 75.66 डॉलर का स्तर छुआ है। ब्रेंट 3 दिनों में 1% से ज्यादा टूटा है। WTI ने $72.88 का स्तर छुआ है। हालांकि MCX पर भी क्रूड में हल्का दबाव देखने को मिल रहा है।

ये हैं दबाव के कारण

ओमिक्रोन के मामले दुनिया में तेजी से बढ़ रहे हैं। देश में ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या बढ़कर 578 हुई है। निवेशकों को मांग में कमी आने की आशंका है। पिछले 3 दिनों में US एयरलाइंस ने हजारों फ्लाइट रद्द की है। एशिया, चीन में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। चीन के जियान शहर में मामले 21 महीने में सबसे ज्यादा है। सप्लाई में कमी के कारण नैचुरल गैस की कीमतों में तेजी आई है। 4 जनवरी को OPEC+ की बैठक होगी।

10 सालों की ऊंचाई पर एग्री कमोडिटीज इंडेक्स पहुंचा है। 2021 में एथेनॉल में अब तक इस साल 126 फीसदी की तेजी देखने को मिली है जबकि ओट्स में 96 फीसदी, कॉफी में 80 फीसदी, कनोला में 60 फीसदी, कॉटन में 40 फीसदी, मक्का 25 फीसदी, चीनी 24 फीसदी और धान में 15 फीसदी का रिटर्न दिया है।

क्यों आई तेजी?

उत्पादक देशों में खराब मौसम से कीमतें चढ़ी है। कोरोना प्रतिबंध खत्म होने से भी एग्री कमोडिटीज को सपोर्ट मिला है। कोरोना के कारण सप्लाई चेन में दिक्कतें रही है। कई उत्पादक देशों ने एक्सपोर्ट पर पाबंदीलगाई है। लागत बढ़ने से भी एग्री कमोडिटीज की कीमतों में उछाल आया है। फर्टिलाइजर की कीमतों का असर उत्पाद और उत्पादन पर पड़ा है।

कॉफी आउटलुक 2022

कमोडिटी जानकारों का कहना है कि 2022 में कॉफी की कीमतों में तेजी की उम्मीद है। ब्राजील में मौसम का उत्पादन पर असर पड़ेगा। हालांकि कोलंबिया में बारिश से फसल खराब हो सकती है।

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