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Akshaya Tritiya पर सुखनिधि इन्वेस्टमेंट के विनायक सवनूर की सलाह, सोना खरीदनें से बचें!

क्वालिटी पोर्टफोलियो काफी कम वोलेटाइल होता है। किसी गिरावट की स्थिति में इसमें बेहतर सुरक्षा मिलती है। लॉन्ग टर्म में इनमें जोखिम भी काफी कम होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 03, 2022 पर 4:43 PM
Akshaya Tritiya पर सुखनिधि इन्वेस्टमेंट के विनायक सवनूर की सलाह, सोना खरीदनें से बचें!
सोने पर कर (टैक्स) की स्थिति पर ध्यान दें तो 3 साल रखने के बाद बेचे जाने वाले गोल्ड को लॉन्ग टर्म निवेश समझा जाता है। इस पर 20 फीसदी की दर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है

VINAYAK SAVANUR,Sukhanidhi Investment Advisors

अक्षय तृतीया और सोने के बीच है गहरा संबंध

अक्षय तृतीया पर सोने की खरीद की एक बहुत ही पुरानी परंपरा है। अक्षय तृतीया की पावन तिथि को सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है। इस दिन सोने की खरीद घर में लक्ष्मी का स्वागत करने जैसा माना जाता है। सोने की भारी कीमत और इसके साथ जुड़े दूसरे जोखिमों के बावजूद सोने में खरीदारी का जुनून जैसा दिखता है। गोल्ड के पीछे के इस जुनून की वजह तमाम मार्केटिंग एजेंसियां और उनकी मार्केटिंग रणनीति भी है जो गोल्ड को घर में लक्ष्मी लाने के एक मात्र तरीके के तौर पर पेश करती हैं।

भारत के सोने का जुनून इस कदर हावी है कि इसको लगभग एक धर्म की तरह पूजा जाता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अजय मित्रा ने एक बार कहा था कि अगर भारत छींकता है तो गोल्ड इंडस्ट्री को जुकाम हो जाता है। हम इस बात से तो सहमत है कि सोने की खरीद एक शौक नहीं बल्कि एक निवेश भी है। इससे वित्तीय सुरक्षा भी मिलती है। लेकिन हम यह मानने को तैयार नहीं है कि यह समृद्धि और वेल्थ क्रिएशन का सबसे बेहतर तरीका है। आइये यहां हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि कैसे हर चमकती चीज सोना ही नहीं होती।

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