यह हफ्ता सोने (Gold) की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ खत्म हुआ। पूरे हफ्ते की बात करें तो कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर सोना करीब 2.20 फीसदी यानी 1000 रुपये गिरकर शुक्रवार को 50,810 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। उधर, वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों पर दबाव जारी रहा। कीमतें गिरकर 10 महीने के सबसे कम लेवल पर आ गईं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने पर कई चीजों का असर पड़ रहा है। इनमें अमेरिकी डॉलर में मजबूती, फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी और तेजी से बढ़ती महंगाई शामिल हैं। शुक्रवार को वैश्विक बाजार में सोने का हाजिर भाव (Spot Price) 1,742 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च एंड कमोडिटीज के प्रमुख हरीश वी ने कहा, "अगर रुपया में गिरावट जारी रहा तो सोने की कीमतों में तेजी दिख सकती है। शॉर्ट से मीडियम टर्म में गोल्ड का प्राइस 1,950 से 1,650 डॉलर प्रति औंस के बीच रहने की उम्मीद है।"
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में नरमी ज्वैलर्स के लिए अच्छी खबर है। दूसरी छमाही में फेस्टिवल सीजन शुरू होने पर सोने की मांग बढ़ सकती है। लेकिन, इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से गोल्ड की स्मगलिंग में तेजी आ सकती है।
शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में गोल्ड की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली। इसका भाव 97 रुपये की मामूली तेजी के साथ 50,613 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
इससे पहले गुरुवार को सोने की कीमतें में बड़ी गिरावट आई थी। यह 436 रुपये गिरकर 50,551 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इस हफ्ते बुधवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 760 रुपये गिरकर 51,304 रुपये पर बंद हुआ था।
मंगलवार को सोने के भाव में हल्की मजबूती देखने को मिली थी। दिल्ली सर्राफा बाजार में इसका भाव 65 रुपये की तेजी के साथ 52,050 के रुपये पर बंद हुआ था। वैश्विक बाजारों में भी सोने पर दबाव दिखा था।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आगे कुछ समय तक सोने पर दबाव जारी रहने की उम्मीद है। ऐसे में इनवेस्टर्स हर गिरावट पर थोड़ी खरीदारी कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें एकमुश्त खरीदारी करने से बचना चाहिए।