Gold ने मई में इनवेस्टर्स को किया निराश, अभी खरीदारी करें या बिकवाली?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मई में गोल्ड में नेट गिरावट दिखी है। सोने पर आगे भी दबाव रहने के आसार हैं। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी में डेट सीलिंग बढ़ाने पर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन गई है। इसके अलावा अगले महीने अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट 0.25 फीसदी बढ़ाने का अनुमान है। इसका असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ेगा

अपडेटेड May 31, 2023 पर 8:38 PM
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सोने को निवेश का सबसे सुरक्षित माध्यम माना जाता है। यहीं वजह है कि क्राइसिस के वक्त सोने में खरीदारी बढ़ जाती है। इससे इसकी कीमतों में उछाल आता है।

गोल्ड (Gold) में 31 मई को गिरावट देखने को मिली। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स 30 रुपये यानी 0.05 फीसदी की गिरावट के साथ 59,968 रुपये प्रति 10 ग्राम था। ग्लोबल मार्केट में सोना हाजिर 0.2 फीसदी की नरमी के साथ 1,955.28 डॉलर प्रति औंस था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.2 फीसदी गिरकर 1,954.80 था। मई में गोल्ड में 1.7 फीसदी गिरावट आई है।

मई में गोल्ड में गिरावट

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मई में गोल्ड में नेट गिरावट दिखी है। सोने पर आगे भी दबाव रहने के आसार हैं। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी में डेट सीलिंग बढ़ाने पर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन गई है। इसके अलावा अगले महीने अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट 0.25 फीसदी बढ़ाने का अनुमान है।


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मई की शुरुआत में गोल्ड में आई थी तेजी

30 मई को गोल्ड में हलकी तेजी देखने को मिली थी। यह 1 फीसदी चढ़कर 1,959.1 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था। हालांकि, गोल्ड में पिछले दो महीने के लोअर लेवल से रिकवरी देखने को मिली है। इसकी वजह यह है कि डॉलर हाई लेवल से नीचे आया है। इसके अलावा डेट सीलिंग बढ़ने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने की वजह से निवेशकों में चिंता दिखी थी। इसके चलते सोने में खरीदारी बढ़ी थी। सोने को निवेश का सबसे सुरक्षित माध्यम माना जाता है। यहीं वजह है कि क्राइसिस के वक्त सोने में खरीदारी बढ़ जाती है। इससे इसकी कीमतों में उछाल आता है।

डॉलर मजबूत होने से सोना खरीदना महंगा होगा

अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट से भी गोल्ड को सपोर्ट मिला है। अभी इसके लिए 1,940 डॉलर पर सपोर्ट दिख रहा है। मई की शुरुआत में रुक-रुक कर आई तेजी अब खत्म हो चुकी है। मई की शुरुआत में गोल्ड रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। उसके बाद से उसमें गिरावट आई है। अगर डॉलर में मजबूती आती है तो इसका असर गोल्ड पर पड़ेगा। डॉलर मजबूत होने से इंडिया जैसे देशों में गोल्ड खरीदना महंगा हो जाता है।

कैसा है आउटलुक?

एंजेल वन में नॉन-एग्री कमोडिटीज और करेंसी के डीवीपी प्रथमेशन माल्या ने कहा कि गोल्ड की कीमतें 60,360 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। इसके बाद यह 60,530 रुपये की तरफ बढ़ेगा। मेहता इंक्विटीज में कमोडिटीज के वीपी राहुल कलांत्री ने कहा कि गोल्ड को 1,942-1,930 डॉलर प्रति औंस पर सपोर्ट है। 1,964-1,975 डॉलर पर इसे रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। रुपये की बात करें तो इसके लिए 59,710-59,550 रुपये पर सपोर्ट है। रेसिस्टेंस लेवल 60,220-60,445 रुपये प्रति 10 ग्राम होगा।

एक्सपर्ट्स ने गोल्ड फ्यूचर्स 60,000 रुपये प्रति ग्राम पहुंचने पर बिकवाली की सलाह दी है। इसके लिए टारगेट प्राइस 59,600 रुपये प्रति 10 ग्राम होगा। 60,200 रुपये पर स्टॉपलॉस लगाना होगा।

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