गोल्ड की कीमतों में 30 दिसंबर को मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली। दरअसल, निवेशकों को अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर चीजें साफ होने का इंतजार है। स्पॉट गोल्ड 0.1 पर्सेंट बढ़कर 2,622.74 डॉलर प्रति औंस है। दूसरी तरफ, गोल्ड फ्यूचर्स 0.1 पर्सेंट बढ़कर 2,622.74 डॉलर प्रति औंस है। भारत में भी गोल्ड में तेजी का ट्रेंड है। 22 कैरेट के गोल्ड में 150 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 7,150 रुपये पर पहुंच गया।
एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया, 'डॉलर इंडेक्स स्थिर बना हुआ है, जिससे गोल्ड में कीमतों में उतार-चढ़ाव को रोकने में मदद मिली। भूराजनीतिक तनाव की वजह से गोल्ड में इस साल बढ़ोतरी दिखी है और 2025 में भी यह ट्रेंड जारी रहेगा।' दरअसल, अमेरिकी नीतियों में संभावित बदलाव के लिए बाजार तैयार हो रहा है।
गोल्ड में इस साल 27 पर्सेंट से ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। 31 अक्टूबर को यह 2,790.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था।
ऑगमोन्ट (Augmont)-गोल्ड फॉर ऑल में रिसर्च हेड आर. चैनानी को गोल्ड में बेहतर ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गोल्ड 76,000-78,500 रुपये की रेंज में रहने की उम्मीद है। हालांकि, अगर गोल्ड 76,000 रुपये से नीचे रहता है, तो अगला टारगेट 75,000 रुपये होगा। मेहता इक्विटीज में वाइस प्रेसिडेंट, राहुल कलंत्री के मुताबिक, गोल्ड के लिए $2,610-$2,591 के लेवल पर सपोर्ट है, जबकि $2,640-$2,657 लेवल पर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
इनफ्लेशन और राजनीतिक अस्थिरता से बचाव के लिए गोल्ड निवेश का आकर्षक विकल्प बन गया। साथ ही, गोल्ड लंबी अवधि में निवेश का सुरक्षित विकल्प बना रहेगा।