Gold prices Today : 6 महीने का निचला स्तर छूने के बाद मजबूत हुआ सोना, क्या अब खरीदारी का है समय?

एक दिन पहले वैश्विक स्तर पर पीली धातु की कीमतों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही, क्योंकि डॉलर में मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी से नॉन यील्डिंग एसेट्स के प्रति आकर्षण कम हो गया

अपडेटेड Jul 06, 2022 पर 10:34 AM
एमसीएक्स (MCX) पर सुबह 10.20 बजे गोल्ड फ्यूचर्स (gold futures) 0.21 फीसदी मजबूत होकर 51,410 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है

Gold prices Today : एक दिन पहले छह महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद बुधवार, 6 जुलाई को सोने की कीमतों में कुछ सुधार हुआ। डॉलर के दो साल से ज्यादा समय की ऊंचाई पर पहुंचने का असर सोने पर दिख रह है। आज सोना 0.4 फीसदी मजबूत होकर 1,770.71 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। एक दिन पहले पीली धातु 2.3 फीसदी कमजोर होकर 1,767.53 डॉलर प्रति औंस पर आ गई थी, जो इंट्राडे में दिसंबर के बाद का निचला स्तर है। भारत में आयात शुल्क में बढ़ोतरी के बाद हाल की गिरावट से कुछ राहत मिली है।

एमसीएक्स पर सोना मामूली मजबूत

एमसीएक्स (MCX) पर सुबह 10.20 बजे गोल्ड फ्यूचर्स (gold futures) 0.21 फीसदी मजबूत होकर 51,410 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी 0.16 फीसदी कमजोर होकर 56,772 रुपये प्रति किग्रा पर बनी हुई है। मंगलवार को एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स में 1.5 फीसदी की गिरावट रही थी।


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ग्लोबल मार्केट में तोड़ा 1,800 डॉलर का स्तर

मंगलवार को वैश्विक स्तर पर कीमतों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही, क्योंकि डॉलर में मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी से नॉन यील्डिंग एसेट्स के प्रति आकर्षण कम हो गया और सोने ने 1,800 डॉलर प्रति औंस का स्तर तोड़ दिया। ऊंची ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड्स बढ़ने से बुलियन की अपॉर्च्युनिटी कॉस्ट बढ़ गई है, जबकि यील्ड्स कुछ नहीं है।

अब क्या करें निवेशक

घरेलू ब्रोकरेज ने जिओजित ने एक नोट में कहा, दवाब बना हुआ है। हालांकि, अगर सोना ऊपर की तरफ 1,815 का स्तर तोड़ता है तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। इंट्राडे में सिल्वर में कमजोरी दिखती है। 22.50 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने पर मूमेंटम बदल सकता है।

भारत ने बढ़ाई इम्पोर्ट ड्यूटी

शुक्रवार को, भारत सरकार ने सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दी थी। भारत अपनी सोने की ज्यादातर जरूरत को आयात के जरिये पूरा करता है। इम्पोर्ट ड्यूटी और ग्लोबल कीमतों के अलावा घरेलू बाजार में बुलियन की कीमतों पर रुपये की चाल और जीएसटी दरों का भी असर दिखता है। वर्तमान में पीली धातु पर 3 फीसदी जीएसटी लागू है।

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