वैश्विक कीमतों के फ्लैट रहने से भारत में सोने और चांदी की कीमतें एक सीमित दायरे में बनी हुई हैं। MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स (gold futures) मामूली कमजोरी के साथ के साथ 47,889 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया, वहीं सिल्वर फ्यूचर्स 0.14 फीसदी गिरकर 61,192 रुपये प्रति किग्रा पर बना हुआ है।
एक दिन पर 0.5 फीसदी टूटी थी चांदी
पिछले सेशन में सोना फ्लैट बंद हुआ था, वहीं चांदी में 0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। पिछले एक महीने से सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, क्योंकि निवेशक कई केंद्रीय बैंकों के नीतिगत रुख और नए कोविड वैरिएंट ओमीक्रोन (Omicron) से जुड़ी चिंताओं पर नजर रखे हुए हैं। सोना बीते साल अगस्त में 56,200 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था।
वैश्विक रुझानों का दिख रहा असर
वैश्विक बाजारों में, सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में बनी हुई हैं, क्योंकि अमेरिकी डॉलर में मजबूती और ऊंची यूएस ट्रेजरी यील्ड के चलते इस बहुमूल्य धातु को सुरक्षित निवेश के रूप में देखे जाने पर सवाल उठ रहे हैं। हाजिर सोना मामूली बदलाव के साथ 1,778.79 डॉलर प्रति औंस पर आ गया था।
अन्य बहुमूल्य धातुओं की बात करें तो चांदी 0.2 फीसदी की कमजोरी के साथ 22.31 डॉलर प्रति औंस रह गई, वहीं प्लेटिनम 938.00 डॉलर पर स्थिर बनी हुई है।
1765 डॉलर का स्तर टूटने से बढ़ेगा सोने पर दबाव
जिओजित ने सोने के संबंध में एक नोट में कहा, “1765 डॉलर का सपोर्ट लेवल टूटने से सोने में बिकवाली का दबाव खासा बढ़ जाएगा।” ब्रोकरेज ने कहा, “जब तक चांदी की कीमतें 22.50 डॉलर के स्तर से नीचे रहती है, इसमें मंदी की आशंका बने रहने का अनुमान है। 23 डॉलर के स्तर से ऊपर पहुंचने पर ही इसमें तेजी देखने को मिल सकती है।”
ईटीएफ निवेशकों ने बनाई दूरी
डॉलर इंडेक्स 96.235 के पास स्थिर बना हुआ था। डॉलर में मजबूती से दूसरी मुद्राओं में खरीदारी करने वालों के लिए सोने की लागत बढ़ सकती है। ईटीएफ (ETF) निवेशकों ने बाजार से दूरी बना रखी है। दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड बैक्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट (SPDR Gold Trust) की होल्डिंग्स सोमवार को 0.2 फीसदी घटकर 982.64 टन रह गई, जबकि शुक्रवार को यह 984.38 टन थी।