Gold prices in India : पिछले सेशन में भारी बिकवाली के चलते शुक्रवार को सोना लगभग एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। पिछले सेशन में लगभग 1,000 रुपये टूटने के बाद सोना एमसीएक्स (MCX) पर 47,897 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। एमसीएक्स सिल्वर फ्यूचर बढ़कर 62,011 रुपये प्रति किग्रा पर पहुंच गया था।
नवंबर के बाद सबसे बड़ी वीकली गिरावट संभव
लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट में सोना फ्लैट रहा और नवंबर के बाद अपनी सबसे बड़ी वीकली गिरावट दर्ज करने की तैयारी में है। इसे यूस फेडरल रिजर्व के मार्च से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेतों के बाद यूएस डॉलर में मजबूती आने से झटका लगा। स्पॉट गोल्ड (Spot gold) 1,796.41 डॉलर प्रति औंस पर फ्लैट रहा, जिसमें इस हफ्ते अभी तक लगभग 2 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। वहीं स्पॉट सिल्वर (Spot silver) 0.2 फीसदी की कमजोरी के साथ 22.69 डॉलर प्रति औंस रह गई है।
1,780 डॉलर से नीचे जाने पर सोने में आ सकती है बिकवाली
जिओजित ने एक नोट में कहा, “सोने के 1,780 डॉलर से नीचे जाने पर इसमें बिकवाली शुरू हो सकती है। साथ ही, आगे उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। वहीं चांदी में गिरावट आ सकती है, क्योंकि यह पहले ही 23 डॉलर से नीचे आ चुकी है। हालांकि इसे 21.40 डॉलर पर खासा सपोर्ट हासिल है।”
गुरुवार को जारी डाटा से पता चला कि यूएस इकोनॉमी 2021 में 6.9 फीसदी बढ़ी है, जो लगभग चार दशकों में उसकी सबसे तेज ग्रोथ है। दूसरी करेंसीज की तुलना में डॉलर में अच्छी मजबूती रही।
सेंटीमेंट कमजोर, लेकिन लगातार गिरावट नहीं
कोटक सिक्योरिटीज के हेड (कमोडिटी रिसर्च) रविंद्र राव ने कहा, “जिओपॉलिटिकल टेंशन, महंगाई का दबाव बढ़ने और इक्विटीज में उतार-चढ़ाव से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, फेड द्वारा जल्दी और ज्यादा रेट हाइक और मजबूत यूएस ग्रोथ डाटा से कीमतों पर दबाव भी है। सोना 1,850 डॉलर प्रति औंस से ऊपर टिके रहने में नाकाम रहा और फिर 1,800 डॉलर से नीचे आ गया, जिससे सेंटीमेंट कमजोर हुआ है। हालांकि, कमजोर रिस्क सेंटीमेंट के बीच हम लगातार गिरावट नहीं देखते हैं।”
2022 में भी बढ़ेगी सोने की मांग
इस बीच, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने आज कहा कि बीते साल सोने की मांग 79 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद, यह उछाल 2022 में भी जारी रहने का अनुमान है। साथ ही कंज्यूमर कांफिडेंस बढ़ने से मांग को प्रोत्साहन मिलने का अनुमान है।