Gold में खरीद का क्या यह है सही वक्त? Ukraine-Russia Tension को कैसे देख रहे हैं एनालिस्ट्स

Russia-Ukraine Tension impact on gold : यदि यूक्रेन-रूस के मुद्दे पर टकराव बढ़ता है तो गोल्ड को फिर से सेफ हैवन खरीद से सपोर्ट मिल सकता है

अपडेटेड Feb 21, 2022 पर 6:57 PM
हाल की तेजी के बावजूद सोना अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे हैं, जहां वह अगस्त, 2020 में पहुंचा था

Russia-Ukraine Tension impact on gold rates : यूक्रेन को लेकर रूस के साथ पश्चिमी देशों के टकराव की चिंताओं के कम होने से सोने में नरमी दर्ज की गई और यह आठ महीनों के उच्चतम स्तर से नीचे आ गया। हाल की तेजी के बावजूद पीली धातु अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे हैं, जहां वह अगस्त, 2020 में पहुंचा था। ऐसे में क्या यह सोना खरीदने के लिए अच्छा समय है?

रूस-यूक्रेन टकराव सोने के लिए अहम

कोटक सिक्योरिटीज के वीपी-हेड कमोडिटी रिसर्च रविंद्र राव ने कहा, “यदि यूक्रेन-रूस के मुद्दे पर टकराव बढ़ता है तो गोल्ड को फिर से सेफ हैवन खरीद से सपोर्ट मिल सकता है। लेकिन यदि कूटनीतिक बातचीत से कोई समाधान सामने आता है तो फिर से गिरावट देखने को मिल सकती है।” उनका मानना है कि गिरावट भी उतनी ही रहेगी, जितनी जिओपॉलिटिकल टेंशन की वजह से इसमें मजबूती देखने को मिली है।


HDFC Securities ने इस मल्टीबैगर टेक्सटाइल स्टॉक को दिया 'Buy' रेटिंग, जानिए क्या है स्टॉपलॉस और टार्गेट प्राइस

अपराह्न 3 बजे एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स (MCX gold futures) 187 रुपये या 0.4 फीसदी की कमोजरी के साथ 49,925 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। दिन के कारोबार में सोने में 49,764 रुपये और 50,127 की रेंज में कारोबार हुआ। ग्लोबल मार्केट में हाजिर सोना (spot gold) मामूली गिरावट के साथ 1,897 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

सोने के लिए 47,500-47,000 रुपये के बीच अहम सपोर्ट

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-कमोडिटी नवनीत दमानी ने कहा, “यदि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बातचीत में गरमागरमी रहती है तो इनवेस्टर्स रिस्की असेट्स से दूर हो सकते हैं और डॉलर जैसे सेफ हैविन की ओर रुख कर सकते हैं या कैश में रहने को प्राथमिकता दे सकते हैं। लेकिन यदि बातचीत अच्छी रहती है और जिओपॉलिटिकल टेंशन कम होती है तो रिस्की असेट्स के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है और सेफ हैवन असेट्स में बिकवाली देखने को मिल सकती है। ऐसे में सोने के लिए 47,500-47,000 रुपये के बीच अहम सपोर्ट है, जिस पर सोने में खरीदारी का मौका है।”

Paytm loan offer : पेटीएम दे रही 5 लाख रुपये तक का सस्ता लोन, घर बैठे पूरा होगा प्रॉसेस

12 महीनों में 55,000 का स्तर संभव

दमानी का तिमाही आधार पर पॉजिटिव रुख बरकरार है और वह 47,850 रुपये और फिर 46,400 रुपये पर सपोर्ट के साथ पीली धातु में 50,750 और 52,500 रुपये टारगेट देखते हैं। वह गिरावट में खरीदारी की रणनीति की सलाह देते हैं। उन्होंने कहा, “अगले 12 महीनों में सोने में 55,000 रुपये के स्तर देखने को मिल सकते हैं।”

अब क्या करें निवेशक

पृथ्वी फिनमार्ट के डायरेक्टर-हेड (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) मनोज कुमार जैन को टेंशन बढ़ने की स्थिति मे सोने के 1,96001,980 डॉलर प्रति औंस और 50,800-51,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर जाने की उम्मीद है।

जैन ने सीएनबीसी टीवी18 को बताया, “यदि अमेरिका और रूस यूक्रेन पर एक कूटनीतिक समाधान पर पहुंचते हैं तो सोने में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है जिससे सोना फिर 1,850 डॉलर प्रति औंस का सपोर्ट लेवल छू सकता है। एमसीएक्स (MCX) पर, सोने को 49,000-48,800 पर सपोर्ट मिल सकता है।”

उन्होंने लॉन्ग पोजिशंस में प्रॉफिट बुक करने और नई खरीद के लिए गिरावट का इंतजार करने की सलाह दी है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।