Gold-Silver rate today: सोने की कीमतों मे मंगलवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव 0.28 फीसदी घटकर 51,387 प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं चांदी का वायदा भाव करीब 0.5 फीसदी घटकर 66,623 रुपये प्रति किलो पर आ गया।
ग्लोबल मार्केट में भी मंगलवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 0.2 फीसदी घटकर 1,929.31 डॉलर प्रति औंस रही। देश में सोने की कीमत पिछले हफ्ते 55,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी और तब से इसमें 4,000 रुपये से अधिक की गिरावट आ चुकी है।
क्यों घट रही सोने की कीमत?
अन्य कीमती धातुओं में, चांदी की स्पॉट कीमतें 0.6% बढ़कर 24.64 डॉलर प्रति औंस हो गई। वहीं प्लैटिनम की कीमत 0.6% घटकर 980.36 डॉलर पर आ गई।
अमेरिका और उसके सहयोगी यूरोपीय देशों के बीच रूस से ऑयल और गैस की खरीदारी पर और अधिक प्रतिबंध लगाने को लेकर चर्चा हो रही है। इससे सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
Mehta Equities Ltd के वाइस-प्रेसिडेंट (कमोडिटीज) राहुल कलंत्री ने बताया, "सोने की कीमत को 1917 से 1905 डॉलर के बीच समर्थन है। वहीं 1938-1949 डॉलर के स्तर को पार करने में उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। रुपये के टर्म में बात करें तो, सोने को 51,220 से 50,980 रुपये के स्तर पर समर्थन है, जबकि 51,880–52,085 रुपये के स्तर पर रेजिस्टेंस बनता दिख रहा है। इसी तरह चांदी को 65,850 से 65,280 रुपये के स्तर पर समर्थन है, जबकि 67,100–67510 रुपये का स्तर एक रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है।"
पहली तिमाही में कैसा रहा सोने का प्रदर्शन?
पहली तिमाही में सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई। इस दौरान भू-राजनीतिक संकट और महंगाई की आशंका के निवेशकों में सुरक्षित ठिकाने के लिए गोल्ड की तरफ रुख किया। इसके अलावा ETF के जरिए गोल्ड में होने वाले नियमित निवेश से भी इसे मदद मिली।
एनालिस्ट्स का कहना है कि निकट भविष्य में 50,000 से 52,000 रुपये के रेंज में सोने में कारोबार होता रहेगा और अगर दोनों में किसी भी रेंज को इसने तोड़ा तो उस दिशा में और बढ़त देखने को मिल सकती है।