सोना इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से 2000 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो जाएगा, यहां समझें पूरा गणित

गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी में वृद्धि 30 जून से लागू हो गई है। पहले गोल्ड पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 7.5 फीसदी थी। अब यह 12.5 फीसदी हो गई है। इसमें 2.5 फीसदी का Agriculture Infrastructure Development Cess (AIDC) जोड़ देने के बाद प्रभावी कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी हो गई है

अपडेटेड Jul 01, 2022 पर 6:12 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
गोल्ड पर पहले से 3 फीसदी GST भी लगता है।

सरकार ने गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी 10.75 फीसदी से बढ़ा कर 15 फीसदी कर दी है। सरकार ने डॉलर के मुकाबले रुपया में तेज गिरावट और बढ़ते करेंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) को देखते हुए यह फैसला लिया है। गोल्ड का इंपोर्ट बढ़ रहा है।

गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी में वृद्धि 30 जून से लागू हो गई है। पहले गोल्ड पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 7.5 फीसदी थी। अब यह 12.5 फीसदी हो गई है। इसमें 2.5 फीसदी का Agriculture Infrastructure Development Cess (AIDC) जोड़ देने के बाद प्रभावी कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी हो गई है।

इस तरह सोने पर कुल ड्यूटी 4.25 फीसदी बढ़ गई है, क्योंकि 0.75 फीसदी का सोशल वेल्फेयर सरचार्ज हटा लिया गया है। गोल्ड पर पहले से 3 फीसदी GST भी लगता है। इसे जोड़ दिया जाए सोने पर कुल लेवीज 18.45 फीसदी हो गई है।


यह भी पढ़ें : प्लास्टिक बैन से पेपर बनाने वाली कंपनियों की होंगी चांदी, शेयरों में उछाल

रेलिगेयर ब्रोकिंग में कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च की वीपी सुगंधा सचदेवा ने कहा, "यह देखते हुए कि हम सोने की घरेलू मांग का ज्यादातर हिस्सा आयात से पूरा करते हैं, ड्यूटी में वृद्धि के बाद सोने की घरेलू कीमतें करीब 2000 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ जाएगी।"उन्होंने कहा कि पहले से लोग महंगाई से परेशान हैं। सोने की घरेलू कीमतें बढ़ जाने से इसकी मांग पर असर पड़ेगा।

मई में इंडिया का कुल आयात करीब 56 फीसदी बढ़ा है। इसमें क्रूड की कीमतों में उछाल का बड़ा हाथ है। गोल्ड एक नॉन-इसेंशियल कमोडिटी है। एक साल पहले के मुकाबले इसका आयात 677 फीसदी बढ़ा है। यह 5.83 अरब डॉलर पहुंच गया, जो एक साल में सबसे ज्यादा है।

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के डायरेक्टर (कमोडिटी एंड करेंसीज) नवीन माथुर ने कहा, "ऑयल और गोल्ड की वजह से इंडिया एक्सपोर्ट के मुकाबले इंपोर्ट ज्यादा करता है। इससे रुपया पर दबाव बढ़ जाता है। डॉलर के मुकाबले यह गिरकर रिकॉर्ड लो लेवल पर आ गया है। इस साल अब तक रुपया 6.5 फीसदी गिर चुका है। गोल्ड के इंपोर्ट पर अंकुश लगाने के लिए इस पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई है।"

माथुर ने बताया, "एमसीएक्स में कारोबार शुरू होने पर गोल्ड में 2.5 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई। लेकिन इंटरनेशनल बाजार में सोना पर दबाव का असर घरेलू कीमतों पर पड़ेगा। इंटरनेशनल मार्के में सोने में 1800 डॉलर प्रति औंस से नीचे कारोबार हो रहा है। "

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।