भारत के नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) ने मुंबई मौसम डेरिवेटिव लॉन्च किया। 1 जून से 'RAINMUMBAI' वायदा शुरु होगा। मुंबई में होने वाली बारिश यानी रेनफॉल से जुड़ा हुआ। RAINMUMBAI' मुंबई में बारिश के जोखिम से बचाएगा। यह नया कॉन्ट्रैक्ट बाजार सहभागियों को मॉनसून के मौसम में मौसम की अस्थिरता से जुड़े वित्तीय जोखिमों को प्रबंधित करने का एक रेगुलेटेड तरीका प्रदान करता है। यह पारंपरिक बीमा और सरकारी सहायता का एक विकल्प है।
सोमवार से शुक्रवार सुबह 10:00 से रात 11:55 तक ट्रेडिंग होगी। जुलाई 2025 में IMD के साथ एक एमओयू भी साइन किया । ऐतिहासिक, रियल-टाइम रेनफॉल डेटा का इस्तेमाल होगा।
RAINMUMBAI' की मुख्य डिटेल्स
कॉन्ट्रैक्ट का प्रकार: फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट (भविष्य में खरीद-बिक्री का अनुबंध)
कमोडिटी का नाम: मौसम डेरिवेटिव्स (मुंबई की बारिश)
अंडरलाइंग (मूल आधार): LPA (लॉन्ग पीरियड एवरेज) से बारिश में कितना अंतर (Deviation) है।
टिक साइज: 1 मिलीमीटर (1 mm)
लॉट मल्टीप्लायर: प्रति मिलीमीटर ₹50
अधिकतम ऑर्डर साइज: 50 लॉट
निपटान (Settlement): कैश सेटलमेंट (नकद में पैसे का लेन-देन, माल नहीं उठाना पड़ता)
डेटा स्रोत: IMD (मौसम विभाग) का सतही बारिश डेटा + सांताक्रूज और कोलाबा में लगे ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS)
आखिरी ट्रेडिंग दिन: अनुबंध के एक्सपायरी महीने का आखिरी कैलेंडर दिन से ठीक पहले का कामकाजी दिन
फाइनल सेटलमेंट प्राइस (FSP): आखिरी ट्रेडिंग दिन के अगले दिन मुंबई की वास्तविक बारिश (LPA Deviation) के आधार पर तय होगा।
ट्रेडिंग समय: सोमवार से शुक्रवार — सुबह 10:00 बजे से रात 11:30/11:55 बजे तक
दैनिक मूल्य सीमा (DPL): शुरुआती 6%, बढ़ी हुई 3%, कुल 9%
क्या होगा वेदर डेरिवेटिव?
ये मौसम आधारित एक फाइनेंशियल कॉन्ट्रैक्ट है।इसमें मौसम के आधार पर ट्रेडिंग होती है। अगर ज्यादा या कम बारिश से कारोबार को नुकसान संभव है। गर्मी या ठंड से भी बिजनेस को नुकसान हो सकता है। कंपनियां पहले से ही अपने जोखिम को कम कर सकती है। कॉन्ट्रैक्ट खरीद कर हेजिंग होती है, जोखिम कम होगा।
NCDEX के एमडी और सीईओ ने क्या कहा
एनसीडीईएक्स के एमडी और सीईओ डॉ. अरुण रास्ते ने कहा, “भारत सदियों से मानसून की अनिश्चितता के साथ चल रहा है। रेनमुंबई सभी हितधारकों को इस अनिश्चितता को प्रबंधित करने के लिए एक नियमित और वैज्ञानिक उपकरण देता है।”एक्सचेंज के अनुसार, यह अनुबंध बाजार के लोगों को बारिश ज्यादा या कम होने से होने वाले पैसे के नुकसान से बचाने के लिए बनाया गया है। इस अनुबंध का निपटान नकद में होगा। यह मानसून के मौसम (जून-सितंबर) में मुंबई की लंबे समय का औसत बारिश (LPA) से असल में हुई बारिश के अंतर को ट्रैक करेगा।
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