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भारत अमेरिकी ट्रेड डील में GM फसलों को लेकर अटकी बात, गैर- GM सोयाबीन और मक्का के आयात पर बन सकती थी सहमति : नीति आयोग

अमेरिका भारत में GM (genetically modified) सोयाबीन और मक्का के आयात की मांग करता रहा है। 2020 में, अमेरिका में उगाए गए 94 फीसदी सोयाबीन और 92 फीसदी मक्का जेनेटिकली मॉडीफाई किए गए थे

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jul 09, 2025 पर 4:01 PM
भारत अमेरिकी ट्रेड डील में GM फसलों को लेकर अटकी बात, गैर- GM सोयाबीन और मक्का के आयात पर बन सकती थी सहमति : नीति आयोग
जीएम फसलें भारतीय किसानों के लिए एक संवेदनशील मुद्दा हैं। जब भारत ने 2002 में पहली बार बीटी कपास की खेती को मंज़ूरी दी थी, तो किसानों, खासकर कर्नाटक जैसे बड़े उत्पादक राज्यों के किसानों ने इसका विरोध किया था

नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने 9 जुलाई को कहा कि अगर वाशिंगटन ने आनुवंशिक रूप से संशोधित संस्करणों को स्वीकार करने के लिए नहीं कहा होता तो भारत मिनी डील के तहत सोयाबीन और मक्का के आयात की अमेरिकी मांग पर सहमत हो जाता। आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों को देश में राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है।

रमेश चंद ने नई दिल्ली में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "मेरा मानना ​​है कि अगर सोयाबीन और मक्का आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) नहीं होते तो भारत संभवतः इस मिनी डील में अमेरिका से इनका आयात करने पर सहमत हो जाता।"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 7 जुलाई को कहा था कि भारत के साथ ट्रेड डील को अंतिम रूप दे दिया गया है, जबकि नई दिल्ली लगातार अपने इस रुख पर कायम है कि कृषि और डेयरी सेक्टर में अमेरिका को पहुंच प्रदान करना "लक्ष्मण रेखा" पार करने के समान होगा।

रमेश चंद ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से जीएम के खिलाफ नहीं हूं, क्योंकि मैं जानता हूं कि इससे कोई नुकसान नहीं है... लेकिन किसानों का एक बड़ा वर्ग इसके खिलाफ है। इससे बातचीत मुश्किल हो जाती है।"

बता दें कि जीएम फसलें उन फसलों को कहा जाता है जिन्हें कीटों या रोगों के प्रति प्रतिरोधी बनाने या उनके पोषण क्षमता को बढ़ाने के लिए उनमें आनुवंशिक बदलाव किए जाते हैं।

रमेश चंद ने आगे कहा कि अमेरिका भारत का एग्री सेक्टर का सबसे बड़ा बाज़ार है। उन्होंने आगे कहा, "हमारे कृषि निर्यात का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा, जिसका मूल्य 5.5 अरब डॉलर है, अमेरिका को जाता है। झींगा, बासमती चावल और मछली भारत द्वारा अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले प्रमुख उत्पाद हैं। इस मिनी डील में, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इनकी सुरक्षा हो।"

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