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wheat exports: भारत ने 4 साल बाद फिर शुरू किया गेहूं एक्सपोर्ट लेकिन क्यों दिख रही है एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी की उम्मीद कम, जानें वजह

wheat exports News: भारत ने 4 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार ग्लोबल गेहूं एक्सपोर्ट मार्केट में वापसी कर ली है। इस बार रिकॉर्ड उत्पादन, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों और बेहतर मालभाड़ा दरों ने भारतीय गेहूं को एशिया और मध्य-पूर्व के खरीदारों के लिए प्रतिस्पर्धी बना दिया है

Sujata Yadavअपडेटेड May 04, 2026 पर 2:48 PM
wheat exports: भारत ने 4 साल बाद फिर शुरू किया गेहूं एक्सपोर्ट लेकिन क्यों दिख रही है एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी की उम्मीद कम, जानें वजह
ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की प्रमुख कंपनी ITC ने पश्चिमी तट स्थित कांडला बंदरगाह से करीब 22,000 मीट्रिक टन गेहूं संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

wheat exports News: भारत ने 4 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार ग्लोबल गेहूं एक्सपोर्ट मार्केट में वापसी कर ली है। इस बार रिकॉर्ड उत्पादन, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों और बेहतर मालभाड़ा दरों ने भारतीय गेहूं को एशिया और मध्य-पूर्व के खरीदारों के लिए प्रतिस्पर्धी बना दिया है। यह चार वर्षों में पहली बार है जब भारत से बड़े स्तर पर गेहूं निर्यात हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कीमतों में तेजी और शिपिंग लागत में सुधार के कारण भारतीय गेहूं की मांग फिर बढ़ी है। इससे निर्यातकों को नया मौका मिला है।

ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की प्रमुख कंपनी ITC ने पश्चिमी तट स्थित कांडला बंदरगाह से करीब 22,000 मीट्रिक टन गेहूं संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

2022 में लगा था प्रतिबंध, गर्मी से प्रभावित हुई थी फसल

चीन के बाद दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं प्रोड्यूसर भारत ने इस साल अनाज के एक्सपोर्ट की इजाज़त दे दी है, जिससे 2022 में विदेशों में बिक्री पर लगी रोक हट गई है। बहुत ज़्यादा गर्मी की वजह से फसलें मुरझाने और स्टॉक कम होने के बाद नई दिल्ली ने 2023 और 2024 में रोक बढ़ा दी, जिससे घरेलू कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई और यह अंदाज़ा लगाया जाने लगा कि 2017 के बाद पहली बार उसे गेहूं इंपोर्ट करना पड़ सकता है।

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