LPG Crisis: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार (25 मार्च) को साफ किया कि LPG सिलेंडर रिफिल बुक करने के मौजूदा समय-सीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें LPG गैस बुकिंग के नियमों में बदलाव का दावा किया जा रहा था। एक प्रेस रिलीज में मंत्रालय ने कहा कि सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ पोस्ट में अलग-अलग तरह के कनेक्शनों के लिए रिफिल बुकिंग के नए समय का दावा किया जा रहा है। इनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) और गैर-PMUY उपभोक्ता दोनों शामिल हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि ये दावे गलत हैं। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा नियम ही लागू रहेंगे। मंत्रालय ने कहा कि सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ समाचार रिपोर्टें और सोशल मीडिया पोस्ट LPG रिफिल बुकिंग के लिए संशोधित समय-सीमा का दावा कर रहे हैं। सरकार ने कहा कि ये दावे पूरी तरह से गलत है।
सरकार के अनुसार, दो LPG रिफिल बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिनों का अंतर शहरी इलाकों में और 45 दिनों का अंतर ग्रामीण इलाकों में बना रहेगा, चाहे कनेक्शन किसी भी प्रकार का हो। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा गाइडलाइंस के तहत ये समय-सीमाएं अपरिवर्तित हैं।
सरकार ने कहा, "यह स्पष्ट किया जाता है कि इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिफिल बुकिंग की मौजूदा समय-सीमाएँ अपरिवर्तित हैं। पहले की तरह ही हैं। शहरी इलाकों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन, चाहे कनेक्शन किसी भी प्रकार का हो।"
दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि LPG गैस बुकिंग के नियम बदल दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि अब 25 दिन की जगह 35 दिन बाद ही बुकिंग कराई जा सकेगी। लेकिन सरकार ने इस दावे को फर्जी करार दिया है। PIB Fact Check ने बताया कि सरकार द्वारा LPG रिफिल बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। समय-सीमा पहले की तरह ही लागू है। यानी शहरी एरिया में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन की समयसीमा अभी लागू है।
सरकार की तरफ से लोगों से अपील की गई है कि घबराकर या अनावश्यक रूप से LPG बुकिंग करने से बचें। साथ ही भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और न ही इसे साझा करें। सत्यापित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें।
LPG संकट पर विपक्ष का प्रदर्शन
विपक्षी दलों के सांसदों ने देश में एलपीजी के संकट को लेकर बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) की नेता सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेन्द्र यादव और कई अन्य दलों के सांसद इसमें शामिल हुए। सांसदों ने एक बड़ा बैनर ले रखा था जिस पर 'एम्पिटी सिलेंडर, एम्पिटी प्रॉमिसेस' (खाली सिलेंडर, खोखले वादे) लिखा हुआ था।
विपक्षी दलों ने 'मोदी जी, एलपीजी' के नारे भी लगाए। विपक्षी दल पश्चिम एशिया संकट और देश में ईंधन की कथित किल्लत को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर आज शाम सर्वदलीय बैठक बुलाई है।