Harmeet Singh Pathanmajra Arrest: पंजाब पुलिस ने बुधवार (25 मार्च) को बताया कि बलात्कार के एक मामले में पिछले साल सितंबर से फरार आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता एवं विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया है। पटियाला पुलिस ने बताया कि पठानमाजरा रेप और धोखाधड़ी के एक मामले में करीब छह महीने से फरार चल रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (पटियाला) वरुण शर्मा ने बताया कि पहली बार विधायक बने पठानमाजरा को ग्वालियर से पकड़ा गया। फिलहाल उन्हें वापस पटियाला लाया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि सनौर से निर्वाचित विधायक को पटियाला की अदालत में पेश किया जाएगा। पठानमाजरा पिछले साल सितंबर में दर्ज बलात्कार के मामले में फरार थे। पुलिस ने पटियाला सिविल लाइंस थाने में पठानमाजरा के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने के आरोप में एक सितंबर 2025 को मामला दर्ज किया था।
यह मामला जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था। महिला ने आरोप लगाया था कि विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताकर उसके साथ संबंध बनाए और पहले से विवाहित होने के बावजूद 2021 में उससे शादी की। महिला ने विधायक पर उसका लगातार यौन शोषण करने, उसे धमकाने और उसे अश्लील सामग्री भेजने का आरोप लगाया है। AAP विधायक को इस मामले में पेश नहीं होने पर भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। पटियाला पुलिस ने पठानमाजरा के खिलाफ 'लुक-आउट नोटिस' भी जारी किया था।
पठानमाजरा बलात्कार के मामले में पिछले साल दो सितंबर से फरार थे। पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जब हरियाणा के करनाल गई थी, तब वह भाग निकले थे। पुलिस ने तब दावा किया था कि वह करनाल जिले के डाबरी गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर पर थे। जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची तो विधायक के समर्थकों ने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की थी। साथ ही पथराव भी किया था। हालांकि, पठानमाजरा ने पुलिस पर गोलीबारी में शामिल होने के दावों का खंडन करते हुए कहा था कि वह यह पता लगने के बाद भाग गए थे कि उन्हें फर्जी मुठभेड़ में मार दिया जाएगा।
पटियाला पुलिस को चकमा देकर भागे विधायक
पटियाला पुलिस की एक टीम ने पठानमाजरा के एक रिश्तेदार के करनाल स्थित आवास पर छापा मारा था। यह रिश्तेदार हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (HSGMC) का सदस्य भी है। पुलिस ने बताया कि विधायक उन्हें हिरासत में लिए जाने से कुछ ही पल पहले वहां से फरार हो गए। पुलिस ने दावा किया कि पठानमाजरा ने उन पर गोली चलाई और भाग निकले।
बाद में एक वीडियो में विधायक ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने पटियाला पुलिस को सिर्फ चकमा दिया था। उन्होंने कोई गोली नहीं चलाई गई थी। बाद में उन्होंने दावा किया कि वह दिल्ली AAP लॉबी से पंगा लेने के कारण एक फर्जी एनकाउंटर के डर से भाग निकले थे। पंजाब सरकार ने गिरफ्तारी की इस कोशिश से एक दिन पहले ही उनकी सुरक्षा हटा ली थी। पटियाला पुलिस ने 15 ऐसे लोगों के खिलाफ भी एक अलग केस दर्ज किया है, जिन पर उसके भागने में मदद करने का आरोप है।