US-Israel-Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है। वहीं ईरान ने किसी भी तरह की बातचीत होने से इनकार किया है। इस बीच दोनों पक्ष एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। मंगलवार (24 मार्च) रात को इस्लामिक गणराज्य ईरान ने इजरायल पर एक दर्जन मिसाइलें दागीं। वहीं लेबनान के आतंकवादियों के रॉकेट हमलों में इजरायल में एक महिला की मौत हो गई। युद्ध के दौरान लेबनान की ओर से किए गए हमले में इजरायल में मौत का यह पहला मामला है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इजरायल के अलावा कुवैत, जॉर्डन और बहरीन पर भी मिसाइलें दागीं। ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, मंगलवार देर रात को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने घोषणा की है कि उन्होंने इजरायल के साथ-साथ कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सेना के ठिकानों पर भी मिसाइल हमले किए हैं।
इजरायल ने कहा कि उसने ईरान के उत्पादन स्थलों पर व्यापक हमले किए। लेकिन उसने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। वहीं, ईरान इजरायल पर लगातार हमले कर रहा है। हाल में ऐसी घटनाएं भी सामने आई हैं जब इजरायल ईरान की मिसाइलों को हवा में ही रोक कर नष्ट नहीं पाया और इससे उसके लोग हताहत हुए।
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने के लिए ईरान को खुद दी गई समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है। इस अहम जलमार्ग के लगभग पूरी तरह बंद होने से ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरे में है। युद्ध की अवधि को लेकर अनिश्चितता के कारण मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
पाकिस्तान ने की मध्यस्थता की पेशकश
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है। लेकिन ईरान अपने रुख पर कायम है और एक शीर्ष सैन्य प्रवक्ता ने पूरी तरह जीत हासिल होने तक लड़ाई जारी रखने का प्रण किया। ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेशकश की है। इस घटनाक्रम से अवगत एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए ईरान को सौंपी गई। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका की सेना 82वीं 'एयरबोर्न डिवीजन' से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात की तैयारी कर रही है ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके।
ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्रीय सीजफायर योजना की पेशकश की
इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने ईरान को 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेशकश की है। इस घटनाक्रम से अवगत एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए ईरान को सौंपी गई।
'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने मंगलवार को अपनी एक खबर में कहा कि 15-सूत्रीय योजना ईरानी अधिकारियों को सौंप दी गई है। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय 'पेंटागन' दो 'मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट' की भी तैनाती की प्रक्रिया में है। इसके तहत क्षेत्र में करीब 5,000 मरीन एवं नौसेना के हजारों अन्य कर्मी और तैनात किए जाएंगे।
अधिकारी ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने की वकालत कर रहे इजरायली अधिकारी अमेरिकी प्रशासन द्वारा युद्धविराम योजना सौंपे जाने से हैरान हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अतिरिक्त सैनिक एवं मरीन भेज रहा है। ऐसे में युद्धविराम योजना के प्रस्ताव को ट्रंप की ऐसी रणनीति के तौर पर पेश किया जा रहा है कि भविष्य में क्या कदम उठाना है। इसे लेकर वह अपने विकल्प खुले रखना चाहते हैं।