LPG Price Today 15 July 2026: अगर आप आज यानी 15 जुलाई को घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर बुक कराने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जान लें। सरकारी तेल कंपनियों ने 15 जुलाई 2026 के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतें जारी कर दी हैं। आम आदमी के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं किया गया है।
वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 1 जुलाई से पहले ही ₹183.50 की कटौती लागू की जा चुकी है, जिसका फायदा होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मिल रहा है। भले ही आज की कीमतें स्थिर हैं। लेकिन व्यावसायिक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं (जैसे होटल और रेस्तरां) को 1 जुलाई 2026 से प्रभावी ₹183.50 की बड़ी कटौती का सीधा लाभ मिल रहा है।
घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) के ताजा रेट
कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलोग्राम) के ताजा रेट
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भले ही आज कोई बदलाव नहीं हुआ हो, लेकिन 1 जुलाई 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती की गई थी। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत में कमी आई है।
कब बदलती हैं LPG की कीमतें?
सरकारी तेल कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। नई कीमतें तय करते समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर, परिवहन लागत और अन्य परिचालन खर्चों को ध्यान में रखा जाता है।
अपने शहर का ताजा रेट कैसे देखें?
उपभोक्ता इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपने शहर की एलपीजी कीमत देख सकते हैं। सिलेंडर बुकिंग के समय भी अपडेटेड कीमत दिखाई जाती है।
क्या अगले महीने बदल सकते हैं दाम?
फिलहाल, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर हैं। हालांकि, अगले महीने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की स्थिति, डॉलर-रुपया रेट और सरकार की नीति की समीक्षा के बाद कीमतों में बढ़ोतरी या कटौती की घोषणा की जा सकती है। हाल ही में 1 जुलाई 2026 को तेल कंपनियों ने व्यावसायिक (Commercial) सिलेंडरों में ₹183.50 की बड़ी कटौती की थी, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी देखी गई थी।
यदि वैश्विक बाजार में यह राहत जारी रहती है, तो अगले महीने भी कीमतों में गिरावट या स्थिरता देखने को मिल सकती है। इसके विपरीत, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोबारा तनाव या सप्लाई की कमी होती है, तो मामूली बढ़ोतरी से भी इनकार नहीं किया जा सकता।