LPG Rule Changes: होटल-रेस्तरां और फैक्ट्रियों को बड़ी राहत, कमर्शियल एलपीजी पर लगी सभी पाबंदियां हटीं, जानें- नए नियम

LPG Rule Changes: इंडस्ट्रियल और कमर्शियल LPG ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड LPG की सप्लाई पर लगी सभी पाबंदियां हटा दी हैं। वेस्ट एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के साथ ही सप्लाई को संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दिया गया है

अपडेटेड Jun 25, 2026 पर 10:02 PM
LPG Rule Changes: अमेरिका-ईरान के बीच डील के बाद केंद्र के फैसले से होटल-रेस्तरां और फैक्ट्रियों को राहत मिलेगी

LPG Rule Changes: पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर बनी सहमति के बाद केंद्र सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गैर-घरेलू पैक्ड एलपीजी (Commercial LPG) की आपूर्ति पर लगाई गई सभी क्षेत्रीय पाबंदियां तत्काल प्रभाव से हटा दी हैं। इसके साथ ही कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को संकट से पहले जैसे हालत पर बहाल कर दिया गया है।

सरकार ने बल्क एलपीजी की आपूर्ति भी आंशिक रूप से बहाल कर दी है। अब इंडस्ट्रियल और कमर्शियल उपभोक्ताओं को संकट से पहले खपत के 50 प्रतिशत तक बल्क एलपीजी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे होटल, रेस्तरां और अन्य उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति में सुधार देखा जा रहा है।

ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद मिली राहत


अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से सुचारु रूप से खुलने का रास्ता साफ हुआ है। यह समुद्री रूट्स भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के कच्चे तेल और एलपीजी आयात का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता है।

सरकार ने बताया कि हाल के दिनों में घरेलू एलपीजी उत्पादन में बढ़ोतरी और आयातित एलपीजी कार्गो की बेहतर उपलब्धता के कारण आपूर्ति की स्थिति मजबूत हुई है। इसी को देखते हुए कमर्शियल एलपीजी पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया गया है।

बल्क एलपीजी की आपूर्ति भी बहाल

सरकार ने बल्क एलपीजी की आपूर्ति भी आंशिक रूप से बहाल कर दी है। पश्चिम एशिया संकट के दौरान बल्क एलपीजी की सप्लाई रोक दी गई थी। लेकिन अब इसे संकट-पूर्व खपत के 50 प्रतिशत तक अनुमति दे दी गई है। इससे होटल, रेस्तरां, कैटरिंग व्यवसाय, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी, जो अपने डेली कामों के लिए एलपीजी पर निर्भर रहते हैं।

सरकार ने बल्क LPG की सप्लाई को संकट के चरम पर रोक दिया था। अब बल्क LPG की सप्लाई संकट से पहले के खपत स्तर के 50 प्रतिशत तक करने की अनुमति होगी। इससे कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी। ईरान युद्ध के दौरान केंद्र ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए निर्देश दिया था कि C3-C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम का इस्तेमाल केवल LPG उत्पादन के लिए किया जाए।

क्यों कड़े किए गए थे नियम?

इस कदम से इन फीडस्टॉक को पेट्रोकेमिकल और अन्य डाउनस्ट्रीम उद्योगों से हटाकर घरेलू LPG की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी। सप्लाई की स्थिति में सुधार के साथ, सरकार ने अब LPG पूल के लिए C3-C4 स्ट्रीम के डायवर्जन को कम करने और पेट्रोकेमिकल तथा अन्य महत्वपूर्ण सेक्टर्स के लिए आवंटन बढ़ाने का फैसला किया है।

मंत्रालय के अनुसार, नॉन-LPG इस्तेमाल के लिए C3-C4 स्ट्रीम का बढ़ा हुआ आवंटन घरेलू LPG उपलब्धता को प्रभावित किए बिना लागू किया जाएगा। घरेलू LPG उत्पादन को कम से कम 40 हजार मीट्रिक टन (TMT) प्रति दिन बनाए रखा जाएगा। केंद्र ने सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी (CHT) को निर्देश दिया है कि वह बढ़ी हुई C3-C4 स्ट्रीम का संगठन-वार आवंटन जारी करे और मंत्रालय को समय-समय पर रिपोर्ट सौंपे।

युद्ध के कारण लगी थी पाबंदियां

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आपूर्ति संकट के दौरान सरकार ने विशेष कदम उठाए थे। उस समय सी3-सी4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स का उपयोग केवल एलपीजी उत्पादन के लिए करने का निर्देश दिया गया था। इसके चलते पेट्रोकेमिकल और अन्य डाउनस्ट्रीम उद्योगों को मिलने वाली कच्चे माल की आपूर्ति सीमित कर दी गई थी। ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

अब हालात में सुधार के बाद सरकार ने सी3-सी4 स्ट्रीम्स का बड़ा हिस्सा फिर से पेट्रोकेमिकल और अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को आवंटित करने का फैसला किया है। मंत्रालय का कहना है कि इससे उद्योगों को आवश्यक कच्चा माल मिलेगा और उत्पादन गतिविधियों को गति मिलेगी। जबकि घरेलू एलपीजी आपूर्ति पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि ग्लोबल सप्लाई में रुकावट शुरू होने के बाद से ही घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रुकावट LPG सप्लाई सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।

मंत्रालय ने कहा, "इस मकसद को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल पैक्ड LPG की सप्लाई पर कुछ समय के लिए पाबंदियां लगाई गई थीं। मुश्किल ग्लोबल सप्लाई चेन के बावजूद, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की समय पर की गई पॉलिसी से जुड़ी कोशिशों और तालमेल से सप्लाई को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली।"

पेट्रोलियम मंत्रालय का फ्यूचर प्लान

पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में स्वदेशी एलपीजी उत्पादन न्यूनतम 40 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन (TMT) के लेवल पर बनाए रखा जाएगा। साथ ही सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी (CHT) को विभिन्न संगठनों के लिए सी3-सी4 स्ट्रीम्स का आवंटन तय करने और समय-समय पर मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति संकट के दौरान भी घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध एलपीजी उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और सरकार के समन्वित प्रयासों के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद देश में एलपीजी की आपूर्ति स्थिर बनी रही।

सरकार ने थपथपाई पीठ

सरकार का मानना है कि ताजा फैसला ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक जरूरतों और घरेलू उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उद्योगों को राहत मिलेगी। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और देश में स्वच्छ एवं सुरक्षित ईंधन की उपलब्धता को और मजबूत किया जा सकेगा।

मंत्रालय ने आगे कहा कि यह नया फ़ैसला सरकार के उस संतुलित नज़रिए को दिखाता है, जिसमें देश की एनर्जी सिक्योरिटी की सुरक्षा के साथ-साथ उद्योगों और व्यवसायों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना और पूरे देश में साफ और सुरक्षित ईंधन की उपलब्धता बढ़ाना शामिल है।

पाबंदियों में ढील से कई तरह के कमर्शियल प्रतिष्ठानों को फीयदा होने की उम्मीद है, जिनमें होटल, रेस्टोरेंट, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और दूसरे ऐसे औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं जो अपने कामकाज के लिए काफ़ी हद तक LPG पर निर्भर हैं।

स्टोरी की मुख्य बातें (All You Need To Know)

बल्क LPG सप्लाई भी बहाल: संकट के समय सरकार ने बल्क एलपीजी (Bulk LPG) की सप्लाई पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। अब इसे आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। अब उद्योग अपनी जरूरत का 50% तक बल्क एलपीजी ले सकेंगे।

पेट्रोकेमिकल सेक्टर को फायदा: संकट के दौरान सरकार ने जरूरी वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू करके C3-C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स का पूरा इस्तेमाल सिर्फ घरेलू एलपीजी बनाने में करने का निर्देश दिया था. अब हालात सुधरने पर इस डायवर्जन को कम कर दिया गया है। इससे पेट्रोकेमिकल और अन्य संबंधित उद्योगों को फिर से पर्याप्त कच्चा माल मिल सकेगा।

घरेलू एलपीजी पर आंच नहीं: सरकार ने साफ किया है कि उद्योगों को दी जाने वाली इस ढील से घरेलू रसोई गैस (Domestic LPG) की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। देश में घरेलू एलपीजी का उत्पादन न्यूनतम 40 हजार मीट्रिक टन (TMT) प्रतिदिन पर बरकरार रखा जाएगा।

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

सरकार के इस फैसले से उन सभी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टरों को सीधा फायदा पहुंचेगा जो एलपीजी पर निर्भर हैं:-

होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री

मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स

छोटे और बड़े औद्योगिक उपभोक्ता

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