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LPG Subsidy: खामोशी से समाप्ति की ओर बढ़ रही है एलपीजी सब्सिडी?

LPG सब्सिडी, सौर ऊर्जा तक पहुंच के दूसरे कार्यक्रम, भारत के लिए विवाद के बड़े बिंदु बने हुए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 20, 2021 पर 12:24 PM
LPG Subsidy: खामोशी से समाप्ति की ओर बढ़ रही है एलपीजी सब्सिडी?
LPG सब्सिडी पर संकट

VINOD KUMAR TOMAR

पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (Petroleum Planning & Analysis Cell) के अनुसार सक्रिय घरेलू गैस कनेक्शन (Active Domestic Gas Connection) और अनुमानित घरों की संख्या के आधार पर भारत में 99.8 प्रतिशत घरों में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) कनेक्शन है. हो सकता है कि ये सटीक आंकड़ा नहीं हो क्योंकि ये घरेलू गैस कनेक्शन की संख्या को 2011 की जनगणना के आधार पर निर्धारित घरों की संख्या से भाग देने के बाद निकाला गया है।

प्रस्तावित घरों की संख्या का एक साधारण समायोजन एलपीजी की पहुंच का वांछित प्रतिशत बता सकता है. इस ग़लती के बावजूद एलपीजी कनेक्शन (LPG Gas Connection) और उपभोग के लिए सब्सिडी (LPG Gas Subsidy) पिछले चार दशकों से ज़्यादा समय से घरों में एलपीजी को अपनाने में बढ़ोतरी के पीछे एक बड़ा कारण बनी हुई है।

हाल में एलपीजी की ख़ुदरा क़ीमत में बढ़ोतरी और पिछले एक साल से ज़्यादा समय से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर पेमेंट (डीबीटी) की अनुपस्थिति से संकेत मिलता है कि एलपीजी सब्सिडी ख़ामोशी से ख़त्म कर दी गई है. लेकिन अगस्त 2021 में लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कि क्या एलपीजी सब्सिडी ख़त्म कर दी गई है, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) ने कहा कि सरकार घरेलू एलपीजी की वास्तविक क़ीमत को व्यवस्थित करने में लगी हुई है और एलपीजी पर सब्सिडी अंतर्राष्ट्रीय दाम और सरकार के फ़ैसले- दोनों पर निर्भर है. लेकिन पीपीएसी के आंकड़ों के मुताबिक़ घरेलू एलपीजी के लिए डीबीटी के रूप में आख़िरी सब्सिडी का भुगतान जुलाई 2019 में किया गया था।

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