दुनिया भर में लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का एक्सपोर्ट घटकर 6 महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। इससे अमेरिका और दूसरी जगहों से हाल में बढ़ी सप्लाई का असर खत्म हो गया है। मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से सप्लाई में रुकावट आ रही है। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। यह संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद हो जाने ने कच्चे तेल और गैस की सप्लाई को बुरी तरह से सीमित कर दिया है।
ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से होने वाले यातायात को रोक दिया है। ईरान ने साफ कहा है कि अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के जहाजों के लिए यह रूट बंद है। अन्य देशों के जहाज अभी भी यहां से गुजर सकते हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षा और तालमेल के लिए तेहरान के साथ संपर्क करना होगा।
Kpler के शिप-ट्रैकिंग डेटा के ब्लूमबर्ग एनालिसिस के मुताबिक, LNG शिपमेंट का 10-दिन का मूविंग एवरेज मार्च महीने की शुरुआत से अब तक लगभग 20% गिरकर 1.1 मिलियन टन पर आ गया है। यह सितंबर के बाद से सबसे कम है। डेटा से पता चलता है कि यह गिरावट मुख्य रूप से कतर की वजह से है और कुछ हद तक संयुक्त अरब अमीरात की वजह से भी। इन दोनों देशों को एशिया और यूरोप में अपने ग्राहकों तक पहुंचने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर फ्यूल भेजना पड़ता है।
जंग गहराने से LNG मार्केट में उथल-पुथल मचने का खतरा
पश्चिम एशिया में चल रही जंग अब एक क्षेत्रीय झगड़े का रूप लेती जा रही है, जिससे LNG मार्केट में उथल-पुथल मचने का खतरा पैदा हो गया है। इस महीने की शुरुआत में ईरान की तरफ से हुए हमलों के बाद कतर को रास लाफान में स्थित अपना LNG एक्सपोर्ट प्लांट बंद करना पड़ा। यह दुनिया का सबसे बड़ा प्लांट है। पिछले हफ्ते हुए एक और हमले में इस प्लांट को नुकसान पहुंचा है, और प्लांट की 14 प्रोडक्शन ट्रेनों में से दो को ठीक होने में कई साल लग जाएंगे।
पिछले एक साल से दुनिया भर में LNG का प्रोडक्शन लगातार बढ़ रहा था, जिसका श्रेय मुख्य रूप से अमेरिका और कनाडा में शुरू हुए नए प्रोजेक्ट्स को जाता है। लेकिन अब कतर से आने वाली LNG की सप्लाई रुकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद हो जाने की वजह से इस बढ़त का असर खत्म होता जा रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने नई चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका, ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला करता है तो ईरान, होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद कर देगा। उसके बाद जलमार्ग को तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक कि ईरान के बिजली संयंत्रों का दोबारा निर्माण नहीं हो जाता।