बेमौसम बारिश और ओलों से गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका नहीं है। सरकार मानती है कि उत्पादन अनुमान के मुताबिक होगा। सरकार का कहना है कि बेमौसम बारिश और ओलों से फसलों को नुकसान होने की आशंका नहीं है। केंद्र सरकार का राज्यों के साथ बैठक के बाद आकलन किया गया है। जिसमें ये माना गया है कि गेहूं की फसल को नुकसान नहीं होगा। इससे गेहूं के उत्पादन में कमी नहीं होगी। हालांकि सरकार ने मानाा है कि गेहूं की गुणवत्ता में थोड़ी कमी आ सकती है। सरकार ने गेहूं की फसल का आकलन किया है जिसके मुताबिक कई राज्यों में गेहूं में नमी बढ़ेगी।
सरकार का कहना है कि गेहूं का दाना प्रभावित होगा लेकिन उत्पादन में कमी नहीं आयेगी। वैसे भी इस बार गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन की संभावना बन रही है। सरकार के मुताबिक इस साल उत्पादन 112 लाख MT होने का अनुमान है। कृषि मंत्रालय जल्दी ही कैबिनेट को इस बारे में सूचित करेगा।
इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय ने बेमौसम बरसात पर चिंता जताई थी। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। जबकि कुछ जिलों में ही गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है।
असीम मनचंदा ने इस खबर पर ज्यादा जानकारी देते हुए कहा गेहूं की पैदावार को लेकर सोमवार 3 अप्रैल को एक बैठक हुई। ये बैठक कृषि सचिव द्वारा बुलाई गई थी। सभी राज्यों से इनपुट लिया गया है। राज्यों के कृषि कमिश्नर ने भी इस बैठक में भाग लिया। इस बैठक में ये आकलन किया गया है कि कई राज्यों में जो बेमौसम बारिश हुई है। उससे गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका कम है। गेहूं के उत्पादन में कमी नहीं आयेगी।
हालांकि इस बैठक में ये माना गया कि गेंहूं की क्वालिटी कमजोर हो सकती है। इसका दाना थोड़ा हल्का हो सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बारे में चिंता जताई थी। जिस पर कृषि मंत्रालय का कहना है कि बेमौसम बरसात से गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।