इजराइल-हमास युद्ध (Israel-Hamas War) के बीच वीकेंड पर गाजा पट्टी में मदद पहुंचनी शुरू हुई तो तेल की कीमतें नरम पड़ने लगी हैं। इजराइल (Israel) और फिलिस्तीन के हमास (Hamas) के बीच चल रही लड़ाई को तेल वाले इलाके में फैलने से रोकने के लिए राजनयिक स्तर पर कोशिशें शुरू हुईं और इन प्रयासों के बीच वीकेंड पर गाजा पट्टी में मदद पहुंचने लगी। इसने तेल की कीमतों को हल्का करने में मदद की है। ब्रेंच क्रूड फ्यूचर्स आज सुबह 60 सेंट्स गिरकर प्रति बैरल 91.56 डॉलर और यूएस टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स 61 सेंट नरम होकर 87.47 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले हफ्ते लगातार दूसरे सप्ताह इनमें 1 फीसदी से अधिक उछाल आई थी।
क्यों चढ़ रहे थे तेल के भाव
कच्चे तेल के कॉन्ट्रैक्ट के भाव में इस आशंका के चलते तेजी आ रही थी कि अगर इजराइल-हमास के बीच का युद्ध मिडिल ईस्ट में पहुंच गया तो तेल की सप्लाई में दिक्कतें आ सकती है। मिडिल ईस्ट दुनिया में सबसे अधिक तेल की सप्लाई करता है। ANZ Research के क्लाइंट नोट के मुताबिक अमेरिका के दबाव पर इजराइल हमास पर हमला रोकने पर सहमत हुआ जिससे यह चिंता कम हो गई कि इजराइल-हमास युद्ध पूरे मिडिल ईस्ट में फैल जाएगा और तेल की सप्लाई घट जाएगी।
रुस समेत तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक+ ने प्रोडक्शन कम किया तो तेल की सप्लाई कम हो गई और फिर इजराइल-हमास युद्ध ने स्थिति और बिगड़ने की आशंका बढ़ा दी। सप्लाई से जुड़े दबाव को कम करने के लिए अमेरिका ने विपक्ष के साथ वेनेजुएला सरकार के समझौते के बाद ओपेक सदस्य वेनेजुएला पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा दिया। इसके अलावा अरब देशों के नेता और विदेश मंत्री काहिरा में एक शिखर सम्मेलन के लिए एकत्र हुए थे जिसके बाद इजिप्ट से गाजा पट्टी पर मदद पहुंचनी शुरू हो गई। हालांकि इस सम्मेलन में कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हुआ है।