मंगलवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतें लगातार चौथे सत्र में बढ़ी हुई नजर आई। इसकी वजह ये रही कि अमेरिका (United States) में शेल के कम उत्पादन से सऊदी अरब (Saudi Arabia) और रूस (Russia) द्वारा बढ़ाये गये उत्पादन में कटौती से होने वाली आपूर्ति की किल्लत के बारे में चिंताएं और बढ़ा दी हैं। यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर 90 सेंट या 1% बढ़कर 92.38 डॉलर पर पहुंच गया। ये सोमवार को 10 महीने के उच्चतम स्तर पर से थोड़ा ही नीचे रहा। जबकि वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent crude) फ्यूचर 27 सेंट या 0.3% बढ़कर 94.70 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
लगातार तीन हफ्ते से तेल की कीमतों में तेजी नजर आई है।
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (U.S. Energy Information Administration (EIA) ने सोमवार को कहा कि टॉप शेल-उत्पादक क्षेत्रों से अमेरिकी तेल उत्पादन गिरकर 93.93 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) होने की राह पर है। ये स्तर मई 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इसके उत्पादन में लगातार तीन महीने तक गिरावट रहेगी।
सऊदी अरब और रूस द्वारा इस महीने संयुक्त रूप से 13 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) आपूर्ति कटौती को साल के अंत तक बढ़ा दिया गया है। उसके बाद अब ये अनुमान सामने आये हैं।
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान (Saudi Arabia's Energy Minister Prince Abdulaziz bin Salman) ने सोमवार को तेल बाजार की आपूर्ति में ओपेक+ देशों (OPEC+ ) की कटौती का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों की वोलैटिलटी को सीमित करने के लिए हल्के-फुल्के रेगुलेशन की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने चीन की डिमांड, यूरोपियन ग्रोथ और महंगाई से निपटने के लिए केंद्रीय बैंक की कार्रवाई के बारे में अनिश्चितता की चेतावनी भी दी।