Pam Oil: इंटरनेशनल मार्केट में 5 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंचा पाम का भाव, पाम के लिए भारत सबसे बड़ा बाजार

Pam Oil: इंटरनेशनल मार्केट में 5 हफ्तों की ऊंचाई पर भाव पहुंचा। सप्लाई में गिरावट से भाव 4100 रिंग्गित के पार निकला है। भारत से बढ़ती मांग से पाम ऑयल की कीमतों को भी सपोर्ट मिल रहा है

अपडेटेड Jan 14, 2026 पर 2:36 PM
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संदीप भान ने कहा कि इंडोनेशिया में 2026 में भी B40 को ही लागू रहेगा। इंडोनेशिया B50 को आगे के लिए टाल दिया है। जो बड़ी खबर है।

 Pam Oil:  इंटरनेशनल मार्केट में 5 हफ्तों की ऊंचाई पर भाव पहुंचा। सप्लाई में गिरावट से भाव 4100 रिंग्गित के पार निकला है। भारत से बढ़ती मांग से पाम ऑयल की कीमतों को भी सपोर्ट मिल रहा है।

बता दें कि दिसंबर में भारत का इंपोर्ट 8 महीनों में सबसे कम था। बाजार को चीन से भी मांग बढ़ने की उम्मीद है। 17 फरवरी 2026 को चीन लूनर न्यू ईयर मनाएगा। सोयाबीन में रिकवरी से भी कीमतों को सपोर्ट मिला। जनवरी में पाम का उत्पादन 18% रहा जबकि एक्सपोर्ट 8% बढ़ा है। 2025 में पाम ऑयल के दाम 6% गिरे थे।

पाम के लिए भारत सबसे बड़ा बाजार


SD गुथरी इंटरनेशनल के संदीप भान ने कहा कि इंडोनेशिया में 2026 में भी B40 को ही लागू रहेगा। इंडोनेशिया B50 को आगे के लिए टाल दिया है। जो बड़ी खबर है। सभी खाने के तेलों में पाम सबसे सस्ता है। सोयाबीन ऑयल और पाम में 100 डॉलर का अंतर है। पाम का स्टॉक काफी है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत में भी पाम ऑयल की मांग बढ़ रही है। भारत 2-3 महीने में 7-8 लाख टन की खरीद कर सकता है। 4000 रिंग्गित के पास काफी अच्छा सपोर्ट है। 4150 रिंग्गित के ऊपर जाने पर पाम की खरीद रुक जाती है।

उन्होंने इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि मलेशिया में पाम का 3 मिलियन टन का स्टॉक है। जैसे-जैसे सोयाबीन बढ़ता जाएगा वैसे पाम को सपोर्ट मिलता जाएगा। पाम पर यूएस बायोफ्यूल प्रोग्राम का भी असर पड़ रहा है। सोयाबीन के दाम बढ़ेंगे तो पाम को भी सपोर्ट मिलेगा। पाम के लिए भारत सबसे बड़ा बाजार है।

ग्वार सीड की कीमतों में उछाल

निवेशकों के ज़्यादा दांव लगाने से बुधवार को फ्यूचर ट्रेड में ग्वार सीड की कीमतें 23 रुपये बढ़कर 5,533 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर, फरवरी डिलीवरी के लिए ग्वार सीड कॉन्ट्रैक्ट 23 रुपये या 0.41 प्रतिशत बढ़कर 5,533 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जिसमें 61,665 लॉट के ओपन इंटरेस्ट थे। मार्केट के जानकारों ने कहा कि स्पॉट कीमतों में गिरावट के बावजूद निवेशकों के ज़्यादा दांव लगाने से फ्यूचर ट्रेड में ग्वार सीड की कीमतों को सपोर्ट मिला।

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