Crude Oil में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट, क्या घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में इस हफ्ते 1 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। शुक्रवार (22 जुलाई) को ब्रेंट क्रूड का प्राइस 102-103 डॉलर प्रति बैरल चल रहा था। इस साल यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यह 123 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था

अपडेटेड Jul 22, 2022 पर 1:49 PM
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इस साल क्रूड की कीमतों में काफी उछाल आया था। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद इसकी कीमतें अचानक बढ़ गई थीं। लेकिन, अब धीरे-धीरे कीमतों में नरमी आ रही है।

Crude Oil में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट का रुख है। यह इस साल क्रूड में गिरावट का सबसे लंबा दौर है। अमेरिकी में गैसोलीन की कमजोर मांग और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती (Global Slowdown) का असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ रहा है। शुक्रवार (22 जुलाई) को ब्रेंट क्रूड का प्राइस 102-103 डॉलर प्रति बैरल चल रहा था। इस साल यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यह 123 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। सवाल है कि क्या क्रूड में गिरावट के बाद इंडिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतें घटेंगी?

ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में इस हफ्ते 1 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इसमें पूरे हफ्ते 10 डॉलर की रेंज में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका में गैसोलीन फ्यूचर्स में लगातार चौथे हफ्ते गिरावट देखने को मिली। बताया जाता है कि एक तरफ इसका स्टॉक बढ़ रहा है, दूसरी तरफ इसकी डिमांड घट रही है। अमेरिका में पेट्रोल पंपों पर गैसोलीन की औसत कीमत में बुधवार को लगातार 37वें दिन गिरावट आई।

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इस साल क्रूड की कीमतों में काफी उछाल आया था। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद इसकी कीमतें अचानक बढ़ गई थीं। लेकिन, अब धीरे-धीरे कीमतों में नरमी आ रही है। अमेरिका में महंगाई 41 साल के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गई है। इसके चलते फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहा है। अगले हफ्ते अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक होने वाली है। माना जा रहा है कि एक बार फिर वह इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

इंटरेस्ट रेट बढ़ने से कमोडिटी सहित कई दूसरी चीजों की डिमांड घटेगी। हालांकि, गैसोलीन की कीमतों में कमी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के लिए अच्छी खबर है। ईंधन महंगा होने से अमेरिकी लोग नाराज थे। यही वजह है कि बाइडेन ने इस साल की शुरुआत में अमेरिका में पेट्रोलियम रिजर्व से बड़ी मात्रा में क्रूड रिलीज करने का आदेश दिया था।

बाइडेन सऊदी अरब को भी ऑयल की बिक्री बढ़ाने के लिए कह रहे हैं। लेकिन, अभी ऐसा नहीं हुआ है। उधर, गुरुवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने रूस के राष्ट्रपति से फोन पर बात की। उन्होंने पुतिन से ओपेक प्लस देशों में सहयोग जारी रखने के मसले पर चर्चा की। रूस की सरकार ने इस बारे में बयान जारी कर कहा है कि ओपेक प्लस देशों के बीच तालमेल जरूरी है।

अमेरिका रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए उसके ऑयल की कीमत की सीमा तय करना चाहता है। अमेरिकी और पश्चिमी देशों के प्रतिबंध के बाद रूस अपना ऑयल चीन, इंडिया सहित कुछ एशियाई देशों को बेच रहा है।

इंडिया में लोगों को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी का इंतजार है। पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के करीब बनी हुई हैं। कुछ राज्यों में तो कीमतें 100 के पार चली गई है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। लोगों का मानना है कि वैश्विक बाजार में क्रूड की कीमतों में नरमी के बाद सरकार को पेट्रोल और डीजल सस्ता करना चाहिए।

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