Nepal Fuel Crisis: UP बॉर्डर से अवैध तरीके से नेपाल भेजा जा रहा है पेट्रोल-डीजल? पड़ोसी देश में 135 रुपये लीटर बिक रहा ₹100 वाला Petrol

Nepal Fuel Crisis: भारत में बिकने वाला 100 रुपये लीटर का पेट्रोल नेपाल में 135 रुपये प्रति लीटर बिक रहा। ऐसे में प्रति लीटर 35 से 40 रुपए के मुनाफे के लिए भारत सीमा से तेल नेपाल ले जाया जा रहा है। नेपाल से सटे यूपी के जिलों के कई पेट्रोल पंप या तो कुछ समय के लिए बंद हो गए हैं या फिर बहुत कम स्टॉक के साथ काम कर रहे हैं

अपडेटेड May 26, 2026 पर 2:39 PM
Story continues below Advertisement
Nepal Fuel Crisis: एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि UP का पेट्रोल-डीजल नेपाल वाले खरीदकर ले जा रहे हैं

Nepal Fuel Crisis: एक रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की भारी कमी हो गई है। पेट्रोल पंपों में तेल खत्म हो गया है। आरोप है कि पेट्रोल और डीजल बड़ी मात्रा में खरीदा जा रहा है और फिर अवैध रूप से सीमा पार नेपाल में दोबारा महंगे दामों पर बेचने के लिए भेजा जा रहा है। 'दैनिक भास्कर' की रिपोर्ट के मुताबिक, तेल संकट का असर 579 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा के बड़े हिस्से पर पड़ा है, जो उत्तर प्रदेश से जुड़ी है।

नेपाल सीमा से सटे यूपी के 7 जिले आते हैं। इन जिलों के ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं। जहां पेट्रोल मिल रहा, वहां लंबी-लंबी कतारे हैं। इनमें महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जैसे जिले शामिल हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पड़ोसी देश लोग नेपाल बॉर्डर को क्रॉस करके भारत आते हैं। फिर यहां से तेल का स्टॉक लेकर अपने देश लौट जाते हैं।

नेपाली कमा रहे भारी फायदा


भारत में बिकने वाला 100 रुपये लीटर का पेट्रोल नेपाल में 135 रुपये प्रति लीटर बिक रहा। ऐसे में प्रति लीटर 35 से 40 रुपए के मुनाफे के लिए भारत सीमा से तेल नेपाल ले जाया जा रहा है। नेपाल से सटे यूपी के जिलों के कई पेट्रोल पंप या तो कुछ समय के लिए बंद हो गए हैं या फिर बहुत कम स्टॉक के साथ काम कर रहे हैं। 'दैनिक भास्कर' के अनुसार, महाराजगंज में जिले के 149 पेट्रोल पंपों में से सिर्फ 20 के पास ही पेट्रोल बचा है। वहीं, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में भी कई दिनों से तेल की सप्लाई में रुकावट आ रही है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि तेल की सप्लाई पर अचानक इतना दबाव इसलिए बढ़ा है, क्योंकि भारत और नेपाल के बीच कीमतों का अंतर बढ़ गया है। ऐसा तब हुआ जब दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने एक्साइज ड्यूटी कम करके और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लगभग 7 से 7.50 रुपये प्रति लीटर तक सीमित रखकर इस असर को कम किया। वहीं, नेपाल में कीमतें बहुत तेजी से बढ़ी हैं। वहां पेट्रोल की कीमतें लगभग 38 प्रतिशत और डीजल की कीमतें लगभग 59 फीसदी तक बढ़ गईं।

कीमतों में अंतर के कारण तस्करी बढ़ी

'दैनिक भास्कर' ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया UP के पेट्रोल पंपों से खरीदा गया पेट्रोल-डीजल कथित तौर पर छोटे टैंकरों, पिकअप गाड़ियों, मोटरसाइकिलों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का इस्तेमाल करके गांवों, जंगल के रास्तों और नदी पार करके नेपाल भेजा जा रहा है। फिर वहां इसे स्थानीय कारोबारियों को सौंप दिया जाता है, जो इसे दोबारा महंगी कीमतों पर बेचते हैं। उत्तर प्रदेश में इंडियन ऑयल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजय भंडारी ने स्वीकार किया कि कीमतों में अंतर के कारण नेपाल सीमा से सटे जिलों में तेलकी सप्लाई पर दबाव पड़ सकता है।

भंडारी ने 'भास्कर' से कहा, "नेपाल की वजह से पूर्वांचल के जिलों में दिक्कतें हो सकती हैं। UP में ईंधन की कीमतें नेपाल के मुकाबले काफी कम हैं। ऐसे में नेपाल से सटे जिलों के लोग UP से तेल भरवा रहे होंगे।"रिपोर्ट नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि नेपाल में अभी पेट्रोल 218 नेपाली रुपये प्रति लीटर और डीजल 222 नेपाली रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। भारतीय करेंसी यह पेट्रोल के लिए लगभग 135 रुपये प्रति लीटर और डीजल के लिए ₹138 बैठता है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पेट्रोल की सप्लाई के लिए नेपाल पूरी तरह से भारत पर निर्भर है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के सूत्रों ने 'दैनिक भास्कर' को बताया कि नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन अपना सारा पेट्रोल, डीजल और उससे जुड़े पेट्रोलियम उत्पाद भारत से ही आयात करता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि IOC खाड़ी देशों से कच्चा तेल आयात करता है। फिर उसे देश में ही रिफाइन करता है। और इसके बाद पाइपलाइन और ईंधन टैंकरों के ज़रिए नेपाल तक पेट्रोल-डीजल पहुंचाता है।

ये भी पढ़ें- Nalanda University: ज्ञान की धरती बिहार में एक और कमाल! नालंदा यूनिवर्सिटी में रामायण और महाभारत से कूटनीतिक सबक सीख रहे विदेशी छात्र

बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में छिपाकर ले जाते हैं नेपाली

  • UP के पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल खरीदा जाता है।
  • छोटे टैंकरों, पिकअप, बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में छिपाकर तेल नेपाल ले जाया जाता है।
  • गांवों, जंगलों और नदी के रास्तों से तेल की तस्करी की जाती है।
  • भारत से ले जाकर नेपाल में स्थानीय एजेंटों को सौंप दिया जाता है।
  • पूरे नेपाल में भारत के मुकाबले बहुत ज्यादा कीमतों पर बेचा जाता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।