Petrol-Diesel Price: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का संभलकर इस्तेमाल करने की अपील की, देशभर में तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका तेज हो गई है। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी की वजह से तेल कंपनियों पर पेट्रोल और डीजल के दाम को बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल बाहर से ला रहे हैं लेकिन दाम बढ़ने नहीं दिया है। ज्यादा लंबा चलने के बाद इसका असर होता ही है। उसके लिए हमें तैयार रहना चाहिए।
पीएम मोदी के बयान पर दिलीप घोष ने सोमवार (11 मई) को कहा, "देश में पर्याप्त पेट्रोल है लेकिन करीब 3 साल से जो लड़ाई चल रही है उसका परिणाम दुनिया के सभी देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। कुछ देश दिवालिया होने की कगार पर हैं। हमारे नेता नरेंद्र मोदी ने आंच तक आने नहीं दिया। गैस के दाम बढ़े हैं क्योंकि सारा गैस बाहर से लाना पड़ाता है। पेट्रोल-डीजल बाहर से ला रहे हैं लेकिन दाम बढ़ने नहीं दिया है। ज्यादा लंबा चलने के बाद इसका असर होता ही है। उसके लिए हमें तैयार रहना चाहिए। प्रधानमंत्री ने सबको सचेत किया है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों का संयमित तरीके से उपयोग करना समय की मांग है। तेलंगाना में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के डिजिटल माध्यम से शिलान्यास और उद्घाटन के मौके पर हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी। बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत सौर ऊर्जा के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो गया है। पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि पहले सरकार शत प्रतिशत एलपीजी कवरेज पर केंद्रित थी। अब इसका ध्यान पाइपलाइन के जरिए गैस की किफायती आपूर्ति पर है। साथ ही साथ CNG के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत दुनियाभर में जारी बड़े ऊर्जा संकट का प्रभावी ढंग से सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए दोहराया कि आयातित ऊर्जा संसाधनों का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से और केवल आवश्यकता होने पर ही किया जाना चाहिए।
पीेम मोदी ने वित्तीय और भूराजनीतिक लाभों का उल्लेख करते हुए कहा, "आज के समय में यह भी आवश्यक है कि पेट्रोल, गैस, डीजल और ऐसे अन्य उत्पादों का बड़े संयम के साथ उपयोग किया जाए। हमें आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा।"