प्लैटिनम की कीमतें इन दिनों अपने 10 साल के हाइएस्ट लेवल पर पहुंच गई हैं। शुक्रवार, 18 जुलाई को इंटरनेशनल मार्केट में प्लैटिनम की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। और इसी के साथ कीमत 2014 के बाद पहली बार इतनी ज्यादा रही। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट प्लैटिनम 0.1% चढ़कर $1,458.80 प्रति औंस हो गया। भारत में यह धातु अब ₹4,043 प्रति ग्राम यानी ₹40,430 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रही है।
सिर्फ ज्वेलरी नहीं, इंडस्ट्रीज की जरूरत भी
हालांकि ज़्यादातर लोगों को प्लैटिनम शादी की अंगूठियों और प्रीमियम ज्वेलरी का हिस्सा लगती है, लेकिन इसका इस्तेमाल ऑटो सेक्टर, पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री और हाइड्रोजन एनर्जी जैसे हाईटेक सेक्टर्स में भी हो रहा है। यही वजह है कि इसका वायदा भाव और डिमांड दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं।
कीमतों में छलांग: क्या है वजह?
इस साल अब तक प्लैटिनम फ्यूचर्स ने न्यू यॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज में लगभग 60% की बढ़ोतरी दर्ज की है। खास बात ये कि सिर्फ जून 2025 में ही इसके दाम में 28% का उछाल आया।
इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह है वैश्विक सप्लाई में भारी गिरावट। वर्ल्ड प्लैटिनम इन्वेस्टमेंट काउंसिल (WPIC) का कहना है कि लगातार तीसरे साल इससे जुड़ा बाजार भारी घाटे में है। 2025 में करीब 9.66 लाख औंस की सप्लाई की कमी का अनुमान है।
दक्षिण अफ्रीका में सबसे बड़ी गिरावट
दुनिया में सबसे अधिक प्लैटिनम दक्षिण अफ्रीका में उत्पादित होता है, लेकिन इस साल वहां खदानों में उत्पादन 24% तक घट गया है। इसकी वजहें हैं – खराब मौसम, तकनीकी समस्याएं और खनन सप्लाई चेन में रुकावटें।
इसके साथ ही रीसाइक्लिंग के ज़रिए मिलने वाली सप्लाई भी घटी है और जो मौजूदा स्टॉक मौजूद है, वो सिर्फ चार महीने की मांग को ही पूरा कर सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि डिमांड इसी रफ्तार से बनी रही, तो कीमतों में और भी भारी उछाल देखने को मिल सकता है।
तेजी से बढ़ती कीमतों और गहराते सप्लाई संकट ने निवेशकों और व्यापारी वर्ग का ध्यान इस कीमती धातु पर खींचा है। अगर आप प्लैटिनम में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो यह वक्त मौकों के साथ-साथ सावधानी भी बरतने का है।