हल्दी की क्वालिटी को लेकर जो फिक्र बढ़ी है उसकी वजह से एक नया विवाद शुरू हो गया है। इस विवाद के बारे में अमर अग्रवाल फूड्स के प्रोपराइटर अंकित अग्रवाल ने जानकारी दी। उन्होंने बताया, "निजामाबाद के मार्केट में हल्दी के नए कॉन्ट्रैक्ट्स बढ़ते जा रहे थे। इस पर कुछ ट्रेडर्स को ये शक हुआ कि जब हल्दी की आवक नहीं हो रही है तो ये कॉन्ट्रैक्ट्स कैसे बन रहे हैं। इसके बाद हमने NCDEX को ईमेल लिखकर इस बारे में बताया। इसके बाद एक्सचेंज ने कहा कि अगर आपलोगों को हल्दी की क्वालिटी पर शक है तो PAC के मेंबर आकर इसे चेक कर सकते हैं।"
इसके बाद ट्रेडर्स के PAC मेंबर की एक टीम निजामाबाद गई। वहां पता चला कि जो हल्दी कॉन्ट्रैक्ट पर लगी है उसकी क्वालिटी ठीक नहीं है। वहां जाने के बाद पता चला कि जिस हल्दी को निजामाबाद की हल्दी कहकर कॉन्ट्रैक्ट पर लगाया जा रहा है वह प्योर वहां की हल्दी नहीं है। कुछ ट्रेडर्स ने निजामाबाद की हल्दी से नीचे ट्रेड होने वाली जैसे मराठेवाड़े या कड़प्पा की हल्दी को निजामाबाद के साथ मिला दिया। ताकि खराब क्वालिटी की हल्दी पर अच्छे भाव हासिल किया जा सके।
अग्रवाल ने कहा, अगर कोई बायर एक्सचेंज पर हल्दी की डिलीवरी लेने आता है तो वह ये चाहेगा कि वह हल्दी एक्सचेंज के पैरामीटर्स के मुताबिक सही हो। हमने इस मामले को एक्सचेंज के सामने उठाया है ताकि वह इस मामले की जांच करें।
कुछ ट्रेडर्स और किसानों को ऐसा लग रहा है कि हल्दी की कीमतों में जो नरमी आई है। यानि इसका भाव 1670 रुपए नीचे 12100-12200 के बीच में ट्रेड कर रहा था उसकी वजह खराब क्वालिटी की हल्दी की सप्लाई बढ़ना था।
NCDEX पर खराब क्वालिटी की हल्दी की डिलीवरी के खिलाफ सांगली का हल्दी बाजार 19 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन के लिए बंद है।