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Rupee slips to all-time low: रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला रुपया, 89.76 पर पहुंचा, क्या करेगा 90 के लेवल को पार?

Rupee slips to all-time low:Q2 में शानदार GDP ग्रोथ के बावजूद 1 दिसंबर को भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया। रुपया US डॉलर के मुकाबले 89.76 पर आ गया, जो करीब 2 हफ़्ते पहले के अपने पिछले रिकॉर्ड निचले स्तर 89.49 से भी नीचे चला गया

Edited By: Sujata Yadavअपडेटेड Dec 01, 2025 पर 1:08 PM
Rupee slips to all-time low: रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला रुपया, 89.76 पर पहुंचा, क्या करेगा 90 के लेवल को पार?
10-साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 6.553% हो गई, जो एक हफ़्ते के सबसे ऊंचे स्तर के करीब है।

Rupee slips to all-time low:Q2 में शानदार GDP ग्रोथ के बावजूद 1 दिसंबर को भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया। रुपया US डॉलर के मुकाबले 89.76 पर आ गया, जो करीब 2 हफ़्ते पहले के अपने पिछले रिकॉर्ड निचले स्तर 89.49 से भी नीचे चला गया।

बता दें कि रुपये में 2022 के बाद अब तक सबसे ज्यादा गिरावट आई है। 2025 में सभी एशियाई करेंसियों में मुकाबले ज्यादा गिरा है। 3 नवंबर से अब तक 90 पैसे की कमजोर हुआ। 2025 में रुपया डॉलर के मुकाबले सबसे खराब परफ़ॉर्म करने वाली करेंसी में से एक रहा है। 2025 में रुपये ने सिर्फ़ टर्किश लीरा और अर्जेंटीना पेसो से बेहतर परफ़ॉर्म किया।

जुलाई-सितंबर में भारत की साल-दर-साल 8.2% की मज़बूत GDP ग्रोथ ने इक्विटी को नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा दिया और सोमवार को बॉन्ड यील्ड को थोड़ा और बढ़ा दिया, लेकिन इनफ्लो से करेंसी को कोई खास सपोर्ट नहीं मिला। रॉयटर्स के मुताबिक, विदेशी इन्वेस्टर्स ने शुक्रवार को लगभग $400 मिलियन की भारतीय इक्विटी बेची, जिससे इस साल अब तक का आउटफ्लो $16 बिलियन से ज़्यादा हो गया, जबकि 10-साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 6.553% हो गया, जो एक हफ़्ते के हाई के करीब है।

ट्रेडर्स ने नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) मार्केट में बड़ी पोजीशन की मैच्योरिटी को भी रुपये पर एक और दबाव बताया। शुक्रवार को मार्केट बंद होने के बाद जारी डेटा से पता चला कि अक्टूबर में RBI की फॉरवर्ड बुक बढ़कर $63 बिलियन से ज़्यादा हो गई थी।

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