Tea Price News: क्यों फीकी पड़ी चाय, 1 महीने में 15% की गिरावट आने के पीछे क्या है कारण?

चाय की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। 1 हफ्ते में चाय की कीमतें 8% की गिरी है। चाय के दाम 184 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे फिसले है। 1 महीने में चाय की कीमतों में 15% की गिरावट आई है। दरअसल, जियोपॉलिटिकल समस्याओं के चलते चाय के एक्सपोर्ट में कमी आई है

अपडेटेड Dec 23, 2024 पर 4:33 PM
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चाय का उत्पादन मुख्य रूप से असम, पश्चिम बंगाल सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों में होता है। देश के दक्षिणी हिस्से में भी चाय का उत्पादन होता है।

Tea Price News: चाय की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। 1 हफ्ते में चाय की कीमतें 8% की गिरी है। चाय के दाम 184 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे फिसले है। 1 महीने में चाय की कीमतों में 15% की गिरावट आई है। दरअसल, जियोपॉलिटिकल समस्याओं के चलते चाय के एक्सपोर्ट में कमी आई है। मध्य-पूर्व संकट की वजह निर्यात में कमी है। यहीं वजह है कि चाय की कीमतों में दबाव देखने को मिला। निर्यात में कमी से घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ी है।

चाय की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में चाय की कीमतों में 8 फीसदी गिरा है जबकि 1 महीने में 15 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं जनवरी 2024 से अब तक चाय की कीमतों में 21 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। हालांकि 1 साल में इसमें 15 फीसदी की तेजी आई।

बता दें कि चाय का उत्पादन मुख्य रूप से असम, पश्चिम बंगाल सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों में होता है। देश के दक्षिणी हिस्से में भी चाय का उत्पादन होता है। इंडिया दुनिया में चाय का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाले देशों में शामिल है। चाय के उत्पादन में चीन पहले पायदान पर है। इंडिया दूसरे नंबर पर है।


TAI प्रेसिडेंट संदीप सिंघानिया का कहना है कि चाय की पत्तियों की तुड़ाई पर इस साल 30 नवंबर के बाद भी रोक जारी रही।  दिसंबर अंत तक चाय का उत्पादन 120 मिलियन किलोग्राम कम होने अनुमान है। फिर भी पिछले 2 महीनों में कीमतों में 20-25% की गिरावट आई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रोडक्शन के आंकड़े गलत हैं या फिर खपत कम हो रही है। ये दोनों ही विषय इंडस्ट्रीज के लिए गंभीर है। उनका कहना है कि चाय के दाम उम्मीद के मुताबिक नहीं है। प्रीमियम चाय की ऊपरी लेवल 300 रुपये है।

मध्य-पूर्व टेंशन के अलावा एक्सपोर्ट के आंकड़े अच्छे है। कंज्मशन पैटर्न कम हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि नेपाल की चाय इंपोर्ट मार्केट खराब कर रही है।

 

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