शुक्रवार को तेल की कीमतें उछलकर लगभग 4 सालों के सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुईं। इसकी वजह है कि इराक ने विदेशी तेल कंपनियों द्वारा विकसित सभी तेल क्षेत्रों पर 'फोर्स मेज्योर' (अपरिहार्य स्थिति) घोषित कर दिया। इजरायल-अमेरिका और ईरान बीच युद्ध और तेज हो गया। अमेरिका ने मध्य पूर्व में हजारों अतिरिक्त नाविकों और नौसैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर ली है।
रॉयटर्स के मुताबिक, शुक्रवार को मई के लिए डिलीवरी वाला ब्रेंट वायदा 3.54 डॉलर या 3.26% बढ़कर 112.19 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। यह जुलाई 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। अप्रैल में डिलीवरी वाला यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल का वायदा भाव 2.18 डॉलर या 2.27% बढ़कर 98.32 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।
ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के मंद पड़ने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। ईरान में प्रमुख एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले हो रहे हैं। बदले में ईरान अपने पड़ोसियों जैसे कि सऊदी अरब, कतर और कुवैत पर हमले कर रहा है। जंग गहराने से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति फिर से शुरू होने की उम्मीदें खत्म हो रही हैं। ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से होने वाले यातायात को रोक दिया है। आमतौर पर पूरी दुनिया को सप्लाई होने वाले कच्चे तेल का 5वां हिस्सा इसी जलमार्ग से होते हुए दुनिया भर के ग्राहकों तक पहुंचता है।
लंबे समय तक जारी रह सकती है तेल की आपूर्ति में कटौती
इस सप्ताह ब्रेंट में लगभग 8.8% की बढ़ोतरी हुई, वहीं WTI (फ्रंट-मंथ) लगभग 0.4% नीचे आया। तेल बाजार अब इस बात का अनुमान लगाने लगा है कि हमलों के बाद तेल की आपूर्ति में कटौती लंबे समय तक जारी रह सकती है। होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खुलने में कम से कम कई सप्ताह लग सकते हैं। शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में अब कोई ऐसा नेता नहीं बचा है, जिससे युद्ध के बारे में बातचीत की जा सके, क्योंकि ईरानी अधिकारियों को निशाना बनाकर सैन्य हमले लगातार जारी हैं। उन्होंने अपनी इस मांग को भी दोहराया कि ईरान के पास कोई भी परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। यह भी कहा कि वह ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में युद्धविराम नहीं चाहते क्योंकि अमेरिका, ईरान को पूरी तरह तबाह कर रहा है। इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट अपने आप खुल जाएगा।
ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को समुद्र में फंसे ईरानी तेल की खरीद पर पाबंदी से 30 दिनों की छूट दी है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि पानी में फंसे ईरानी कार्गो पर से तेल प्रतिबंध हटाने से 3 से 4 दिनों में एशिया को आपूर्ति मिल जाएगी।
कीमतें नीचे आने के लिए होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई सामान्य होना जरूरी
इस बीच गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि तेल की कीमतों के लिए जोखिम उच्च ही बने हुए हैं। फिर बात चाहे निकट भविष्य की हो या फिर साल 2027 तक की। कच्चे तेल की सप्लाई में लगे पिछले बड़े झटकों का लगातार बने रहना इस संभावना को दिखाता है कि तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रह सकती हैं। जब तक होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई सीमित बनी रहेगी, तब तक निकट भविष्य में तेल की कीमतें बढ़ते रहने की संभावना है। यह भी कहा कि अगर व्यवधान बना रहता है, तो ब्रेंट की कीमतें 2008 के अपने उच्चतम स्तर को भी पार कर सकती हैं।