Wheat News: गेहूं की सप्लाई अच्छी और कीमतें स्थिर है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि खुले बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत सरकारी भंडार से गेहूं बेचने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि आपूर्ति पर्याप्त है और कीमतें स्थिर हैं। उन्होंने कहा कि (गेहूं ओएमएसएस) की कोई जरूरत नहीं है।’’
पिछले महीने गेहूं की कीमत 5% बढ़ी है। ओपन मार्केट में बिक्री शुरू करने की अटकलें गलत है। सरकार OMSS के तहत FCI के भंडार से सीधे बाजार में गेहूं बेचती है। कीमतों पर नियंत्रण के लिए ओपन मार्केट में गेहूं बेची जाती है । खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने ओपन मार्केट में बिक्री की अटकलें खारिज की है।
बता दें कि भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 में OMSS के तहत करीब 30 लाख टन गेहूं बेचा, जबकि 2023-24 में करीब 1.01 करोड़ टन गेहूं की बिक्री की थी।देश का गेहूं उत्पादन फसल वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 11.75 करोड़ टन रहने का अनुमान है।
सरकार के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए WPPS के चेयरमैन अजय गोयल का कहना है कि बोनस और अच्छी फसल के वजह से गेहूं की प्रोक्योरमेंट पर्याप्त है। अजय गोयल के मुताबिक फिलहाल गेहूं की कीमतें नियंत्रण में हैं। ट्रेडिंग के लिए गए स्टॉक्स में कमी दिख रही है। इस साल यूजर्स ने ज्यादा प्रोक्योरमेंट किया है।
उन्होने कहा कि दिल्ली लॉरेंस रोड की कीमत जबतक 30 नहीं छुएगा तबतक सरकार को चिंता नहीं है। फिलहाल कीमत 28-28.50 चल रहा है। यूजर्स ने पिछले साल के मुकाबले15-20% ज्यादा स्टॉकिंग की है। फिनिश्ड गुड्स मार्केट में पिछले 5-10 में जो ग्रोथ दिखी वो अब नहीं। बिस्किट इंडस्ट्री में पिछले 5-6-7 वर्षो में 5-8 परसेंट ग्रोथ है