US फेड के ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करने के फैसले से सोने की कीमतों में जो उछाल दिखा था वो टिक नहीं पाया और एकबार फिर से सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ने लगी है। डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़त ने सोने पर दबाव बनाया लेकिन क्या ये सोने-चांदी में खरीदारी का सही मौका है। अपने लाइफ टाइम हाई से सोना अब भी करीब ग्यारह हजार रुपए सस्ता मिल रहा है। अगर आप भी कुछ दिनों में सोना खरीदने का मन बना रहे हैं तो आपको क्या करना चाहिए? क्या यहां से और गिरावट आ सकती है या इस लेवल पर सोना खरीदने का सही मौका है। आज इसी पर खास शो लेकर आए हैं।
इसमें निवेश के लिहाज से चर्चा करने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ Ventura Securities के एनएस रामास्वामी, Silver Emporium के राहुल मेहता, Anand Rathi के नवीन माथुर और Bombay Jewellers Association के कुमार जैन जुड़ गये हैं।
सोने-चांदी में गिरावट क्यों
इस समय सोने-चांदी की गिरावट के पीछे US Bond Yeild का 14 महीने की हाई पर पहुंचना भी एक कारण है। US 10 Year Bond Yeild 1.75 प्रतिशत के पार हो गया है। वहीं डॉलर में मजबूती से चांदी में कमजोरी बढ़ी है। दूसरी तरफ बाइडेन के राष्ट्रपति बनने पर US-चीन वार्ता पर नजर बनी हुई है। इसके अलावा डॉलर में मजबूती से सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ी और रुपए की मजबूती से घरेलू बाजारों में दोहरा दबाव देखने को मिला है।
सोना-चांदी: गोल्डन चांस
सोना-चांदी में गिरावट आने से रिटेल मांग में तेजी संभव है। अब ज्वेलरी के साथ निवेश डिमांड भी बढ़ेगी। आगे चलकर शादियों के सीजन आ रहे हैं जिससे इसमें ज्वेलरी डिमांड बढ़ेगी। हालांकि निचले स्तरों से खरीदारी लौटने का अनुमान है। इस समय सोना रिकॉर्ड हाई से करीब 20 प्रतिशत तक फिसला है।
चांदी में कारोबार
इस समय सोने के साथ चांदी पर भी दबाव बरकरार है। इस समय ऑल टाइम हाई से भाव करीब 10,500 रुपये नीचे है। 7 Aug 2020 को इसने 77,949 का रिकॉर्ड हाई बनाया था। वहीं कॉमेक्स पर 1 महीने में 4 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट नजर आई है। लेकिन अच्छी इंडस्ट्रियल डिमांड से चांदी को सपोर्ट मिला है। जबकि MCX पर चांदी में 1 साल में 88 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है।
ज्वेलरी डिमांड बढ़ेगी
एक्सपर्ट का मानना है कि अब ज्वेलरी डिमांड बढ़ती हुई दिखेगी। स्विटजरलैंड ने Sep के बाद Feb में चीन को सोना भेजा है। Feb में भारत के लिए शिपमेंट कई साल के हाई पर पहुंच गया है। इंडिया रेटिंग्स के अनुसार रिटेल ज्वेलरी मार्केट में 35 प्रतिशत का उछाल संभव है। वहीं इकोनॉमी में तेजी, भाव में नरमी से डिमांड सुधरेगा। दूसरी तरफ शादियों के सीजन में ज्वेलरी डिमांड को बूस्ट मिलेगा। आंकड़ों के मुताबिक पिछले 3 साल में 9000 किलो डिजिटल सोने की बिक्री हुई है।
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