सुप्रीम कोर्ट ने ई-बिजनेस सेक्टर की दिग्गज कंपनी Amazon के पक्ष में शुक्रवार को फैसला देते हुए कहा कि फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) के रिलायंस रिटेल के साथ 24,731 करोड़ रुपए की मर्जर डील पर रोक लगाने का सिंगापुर के सिंगापुर आर्बिट्रेटर का फैसला भारतीय कानूनों के तहत वैध और लागू करने लायक है। इसलिए अक्टूबर में सिंगापुर में इमरजेंसी सुनवाई में इस डील पर रोक लगाने का जो फैसला सुनाया गया था, वही फैसला अब भारत में भी लागू होगा।
एमेजॉन डॉट कॉम एनवी इंवेस्टमेंट होल्डिंग्स LLC और FRL के बीच इस डील को लेकर विवाद था और अमेरिका स्थित कंपनी ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया था कि EA का फैसला वैध है और उसे लागू किया जाए। इससे पहले रिलायंस रिटेल और फ्यूचर ग्रुप में हुए डील के खिलाफ एमेजॉन ने सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) में इमरजेंसी केस फाइल किया था।
एमेजॉन-फ्यूचर रिटेल के झगड़े की पूरी टाइमलाइन:
अगस्त 2019: एमेजॉन ने फ्यूचर ग्रुप की प्रमोटर यूनिट फ्यूचर कूपन के साथ 49% हिस्सेदारी 1,500 करोड़ रुपए में खरीदने के लिए एक एग्रीमेंट किया। फ्यूचर रिटेल में फ्यूचर कूपन की 7.3% हिस्सेदारी है, फ्यूचर कूपन के साथ डील के बाद एमेजॉन को फ्यूचर रिटेल में 3.58% की इनडायरेक्ट स्टेक प्रभावी ढंग से मिल रही है।
दिसंबर 2019: फ्यूचर कूपन को Amazon से मिले 1,500 करोड़ रुपए।
2020
29 अगस्त: फ्यूचर रिटेल बोर्ड ने रिलायंस रिटेल डील को मंजूरी दी। रिलायंस रिटेल फ्यूचर ग्रुप के रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक्स बिजनेस को 24,713 करोड़ रुपए में मंदी की बिक्री के जरिए खरीदेगी।
9 अक्टूबर: Amazon फ्यूचर-रिलायंस रिटेल डील पर आपत्ति जताते हुए सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर से पहुंच गया।
25 अक्टूबर: सिंगापुर इमरजेंसी आर्बिट्रेटर ने अंतरिम रूप से फ्यूचर रिटेल-रिलायंस ग्रुप डील पर रोक लगाई।
7 नवंबर: फ्यूचर रिटेल ने एमेजॉन के हस्तक्षेप के आरोप के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया।
20 नवंबर: डील को CCI की मंजूरी मिली।
21 दिसंबर: दिल्ली HC की सिंगल बेंच ने डील पर रोक लगाने से इनकार किया, FRL 29 अगस्त के बोर्ड के प्रस्ताव को बरकरार रखा, लेकिन एमेजॉन को रेगुलेटर्स से अपील करने की अनुमति दी। साथ ही कोर्ट ने एमेजॉन के हस्तक्षेप के फ्यूचर रिटेल के दावे को भी सही ठहराया।
2021
जनवरी 2021: SIC ने अंतिम फैसला सुनाने के लिए 3 सदस्यीय पैनल का गठन किया।
13 जनवरी: दिल्ली हाई कोर्ट की बेंच ने 21 दिसंबर 2019 के आदेश के खिलाफ एमेजॉन की याचिका पर फ्यूचर रिटेल को नोटिस जारी किया, जिसने रेगुलेटर्स को फैसला लेने की अनुमति दी थी।
20 जनवरी: SEBI ने फ्यूचर रिटेल-रिलायंस ग्रुप डील को मंजूरी दी।
2 फरवरी: दिल्ली हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने फ्यूचर रिटेल-रिलायंस ग्रुप डील पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।
3 फरवरी: फ्यूचर रिटेल ने दिल्ली HC में 2-जजों की बेंच के सामने यथास्थिति के आदेश का विरोध किया।
8 फरवरी: दो जजों की बेंच ने FRL-रिलायंस रिटेल डील पर सिंगल बेंच के यथास्थिति के आदेश को वापस लिया।
11 फरवरी: एमेजॉन ने दिल्ली हाई कोर्ट के "यथास्थिति" को वापस लेने के आदेश को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
12 फरवरी: NCLT ने रिलायंस के साथ डील को मंजूरी देने के लिए शेयर होल्डर्स की बैठक बुलाने की फ्यूचर ग्रुप की याचिका पर सुनवाई की और आदेश सुरक्षित रखा।
22 फरवरी: सुप्रीम कोर्ट ने फ्यूचर रिटेल को NCLT के सामने एक याचिका पर आगे बढ़ने की अनुमति दी, लेकिन NCLT को फ्यूचर रिटेल स्कीम को मंजूरी देने वाले आदेशों को अंतिम रूप देने से रोक दिया। शीर्ष अदालत ने यथास्थिति की मांग करने वाली एमेजॉन की याचिका पर FRL को नोटिस जारी किया।
18 मार्च: दिल्ली हाई कोर्ट ने FRL-रिलायंस रिटेल डील पर रोक लगाई। अदालत का कहना है कि FRL, किशोर बियानी ने जानबूझकर आदेश की अवहेलना की, नागरिक प्रक्रिया संहिता के तहत उन्हें कार्रवाई का सामना करना होगा। कोर्ट ने किशोर बियानी, फ्यूचर प्रमोटर डायरेक्टर्स की संपत्ति को कुर्क करने का निर्देश दिया। डील की मंजूरी के अप्रूवल को वापस लेने के लिए FRL, FCPL से सभी रेगुलेटर्स से संपर्क करने को कहा।
18 मार्च: SC ने कहा कि कोर्ट अप्रैल के आखिरी हफ्ते में Amazon की याचिका पर सुनवाई करेगा।
20 मार्च: फ्यूचर ग्रुप ने फ्यूचर प्रमोटर डायरेक्टर किशोर बियानी की संपत्ति कुर्क करने के सौदे पर रोक लगाने के आदेश को चुनौती दी।
22 मार्च: दिल्ली HC ने यथास्थिति बनाए रखने वाले सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगाई, बियानी की संपत्ति को कुर्क करने के आदेश पर रोक लगाई।
17 अप्रैल: फ्यूचर रिटेल बोर्ड ने RBI के 6 अगस्त, 2020 के सर्कुलर के तहत सुरक्षित वित्तीय ऋण के पुनर्गठन के लिए रेसोलुशन प्लान को मंजूरी दी।
19 मई: रिलायंस रिटेल वेंचर्स ने NCLT का रुख किया, शेयर होल्डर्स की बैठक बुलाने की अनुमति मांगी।
12-17 जुलाई: डील के खिलाफ एमेजॉन की याचिका पर SIAC की अंतिम सुनवाई। एक महीने बाद फैसला आने की उम्मीद।
22 जून: NCLT ने शेयर होल्डर्स की बैठक बुलाने की रिलायंस रिटेल की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा।
20 जुलाई: सुप्रीम कोर्ट ने FRL-रिलायंस रिटेल डील पर रोक लगाने की एमेजॉन की याचिका पर सुनवाई शुरू की।
29 जुलाई: सुप्रीम कोर्ट ने फ्यूचर रिटेल की सेल पर रोक लगाने की एमेजॉन की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा।