IDBI Bank खरीदने की रेस में Kotak Bank भी, लेकिन सीईओ ने बताया इस कारण नहीं लगाई बोली

IDBI Bank Sale: आईडीबीआई बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया लंबे समय से चली आ रही है लेकिन निर्णायक प्वाइंट पर नहीं पहुंच पा रही है। अब कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के सीईओ ने बताया कि आखिर इसकी बोली में दिक्कत क्या आ रही है और इससे निपटने के लिए सरकार की क्या तैयारी है

अपडेटेड May 03, 2026 पर 1:10 PM
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Kotak Mahindra Bank के सीईओ ने IDBI Bank में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन हाई वैल्यूएशन से जुड़ी चिंताओं पर बोली दाखिल नहीं की।

IDBI Bank Sale: प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज लेंडर कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के सीईओ अशोक वासवानी का कहना है कि आईडीबीआई बैंक की बिक्री जिस वैल्यूएशन पर हो रही थी, वह काफी अधिक था। बैंक के सीईओ के मुताबिक इस कारण आईडीबीआई बैंक के लिए बोली लगाने को लेकर खरीदारों की दिलचस्पी सीमित है। उन्होंने ये बातें बैंक के लिए मार्च 2026 तिमाही के उम्मीद से बेहतर धमाकेदार कारोबारी नतीजे के बाद कही। मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक के लिए जो वैल्यूएशन मांगा जा रहा था, वह बहुत अधिक था।

Kotak Mahindra Bank ने दिखाई थी IDBI Bank में दिलचस्पी

कोटक महिंद्रा बैंक ने भी आईडीबीआई बैंक में दिलचस्पी दिखाई थी। इसने EoI (एक्सप्रेशन ऑफ इंटेरेस्ट) दिखाया था और केंद्रीय बैंक RBI से फिट-एंड-प्रॉपर क्राइटेरिया हासिल किया था लेकिन कोटक बैंक ने बोली नहीं दाखिल की।


तो क्या सरकार घटाएगी वैल्यूएशन?

कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ ने आई़डीबीआई बैंक में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन हाई वैल्यूएशन से जुड़ी चिंताओं पर बोली दाखिल नहीं की। ऐसे में सवाल उठ रहे कि क्या सरकार वैल्यूएशन घटाएगी क्योंकि आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की योजना अभी भी ट्रैक पर ही है और सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने प्रॉफिटेबिलिटी और अन्य मानकों पर अच्छे परफॉरमेंस का हवाला देते हुए संकेत दिया कि सरकार के इसके वैल्यूएशन में कटौती करने की संभावना नहीं दिख रही है।

आईडीबीआई बैंक की बिक्री प्रक्रिया में तब देरी आई, जब शुरुआती बोलियां रिजर्व प्राइस से कम रहीं। इससे खरीदारों की अपेक्षाओं और सरकार की मांग के बीच अंतर सामने आया। अब इसके निजीकरण प्रक्रिया को लेकर आगे क्या होगा, इसे लेकर आईडीबीआई बैंक के कारोबारी नतीजों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। बैंक ने गुरुवार को कारोबारी नतीजे पेश किए जो उम्मीद से कमजोर रहे। इससे विनिवेश की टाइमिंग और प्राइसिंग को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

कैसी रही आईडीबीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक की मार्च तिमाही?

मार्च 2026 तिमाही में आईडीबीआई बैंक का स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 5% से अधिक गिरकर ₹1943.17 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान बैंक की कुल स्टैंडअलोन इनकम 4% की बढ़ोतरी के साथ ₹9409.45 करोड़ पर पहुंच गई। अब कोटक महिंद्रा बैंक की बात करें तो मार्च 2026 तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.4% बढ़कर ₹4,026.55 करोड़ और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 8.1% बढ़कर 7,876 करोड़ पर पहुंच गया।

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