CBSE Class 12 Result 2021: केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) शुक्रवार (25 जून 2021) को सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) अगस्त में रिजल्ट से असंतुष्ट छात्रों के लिए वैकल्पिक बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा। ये परीक्षाएं उन छात्रों के लिए होंगी जो सीबीएसई के मूल्यांकन फॉर्मूले से खुश नहीं हैं।

शिक्षा मंत्री ने सीबीएसई बोर्ड के छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसी भी छात्र की योग्यता के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सीबीएसई की मूल्यांकन फॉर्मूले से सभी छात्रों को उनकी योग्यता के अनुरूप परिणाम मिलेगा। जो छात्र सीबीएसई मूल्यांकन फॉर्मूले से आए रिजल्ट से असंतुष्ट होंगे, उनके पास हालात ठीक होने पर परीक्षा देने का ऑप्शन रहेगा। यह वैकल्पिक परीक्षा अगस्त में हो सकती है।

हालांकि उन्होंने इस दौरान 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा के संबंध में छात्रों के किसी सवालों का जवाब नहीं दिया। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक शुक्रवार को सभी स्टूडेंट्स, पैरेंट्स और टीचर्स से करीब तीन से चार मिनट का संवाद किया, जिसमें उन्होंने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा रद्द करने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया। आपको बता दें कि कोविड-19 महामारी के फैलने के कारण 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी गई थी।

साथ ही निशंक ने इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के समर्थन की खुशी जाहिर की और CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया पर विश्वास रखने के आग्रह किया। हालांकि सोशल मीडिया पर इस संवाद के दौरान तमाम छात्र NEET, JEE Mains और प्राइवेट एग्जाम अपडेट पर शिक्षा मंत्री से सवाल पूछते रहे लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।

शिक्षा मंत्री ने अपने लाइव सत्र के दौरान कहा कि छात्रों का स्वास्थ्य सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण चिंता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से लगाव करते हैं स्वास्थ्य की सुरक्षा की चिंता करते हुए ऐतिहासिक मार्गदर्शन देकर सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि हम सभी पीएम मोदी का धन्यवाद करते हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सीबीएसई ने मूल्यांक क्राइटेरिया तैयार किया है उसके अनुसार ही परीक्षाओं का रिजल्ट घोषित होगा।

उन्होंने कहा कि कक्षा 10 और 12 के छात्रों का मूल्यांकन एक ऑब्जेक्टिव योजना के आधार पर किया जाएगा और इससे छात्रों को लाभ होगा। जो छात्र परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाएगा। कोविड-19 महामारी के कारण केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर दिया था। बोर्ड ने परीक्षा परिणाम के संबंध में इन दोनों कक्षाओं के लिये वैकल्पिक मूल्यांकन नीति की घोषणा की है।

स्कूलों से 10वीं कक्षा के अंक 30 जून तक जमा करने को कहा गया है, जबकि 12वीं कक्षा के लिए स्कूलों को 15 जुलाई की समयसीमा दी गई है। सीबीएसई 10वीं कक्षा, 11वीं कक्षा और 12वीं कक्षा के परिणामों के आधार पर 12वीं कक्षा के छात्रों के अंक मूल्यांकन में क्रमश: 30:30:40 के फॉर्मूले पर काम कर रहा है। 30 फीसदी अंक 10वीं बोर्ड परीक्षा के आधार पर, अगले 30 फीसदी अंक 11वीं कक्षा के और 40 फीसदी अंक 12वीं कक्षा के यूनिट, मध्य टर्म और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के आधार पर दिए जाएंगे।

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